गिरिडीह की कंपनी से फर्जी UTR के जरिए ठगी का आरोप, कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल

गिरिडीह की कार्बन रिसोर्सेस कंपनी को फर्जी यूटीआर के जरिए 1.70 करोड़ का चूना लगाने वाले साउथ फिल्म अभिनेता विस्मय लोकेश को पुलिस ने जेल भेजा।

मैसूर की बीएल एंटरप्राइजेज कंपनी का प्रतिनिधि बताकर और अलग-अलग पहचान बदलकर देश भर में उद्योगपति व व्यवसायियों को चूना लगाने वाले प्रशांत गंगाधर रमैया उर्फ ‘विस्मय लोकेश’ को मुंबई पुलिस ने बुधवार को प्रोडक्शन वारंट पर गिरिडीह कोर्ट में पेश किया. ठगी के आरोपों में मुंबई पुलिस ने उसे पिछले दिनों गिरफ्तार किया था.

इस नटरवरलाल पर गिरिडीह के कारोबारी सुरेश जालान की कंपनी कार्बन रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड से 1.70 करोड़ रु की ठगी करने का आरोप है. रमैया दक्षिण फिल्म इंडस्ट्रीज से जुड़ा बताया जाता है.

सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया

पुलिस सूत्रों की मानें, तो इसके गिरोह से कई फिल्म कलाकार भी जुड़े हैं. पुलिस उनकी भी कुंडली खंगाल रही है. जब कार्बन रिसोर्सेस प्रालि को उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली, तो इससे गिरिडीह पुलिस को अवगत कराया.

गिरिडीह पुलिस ने मुंबई कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया, ताकि प्रशांत गंगाधर रमैया को यहां लाकर पूछताछ की जा सके. मुंबई पुलिस मंगलवार को गिरिडीह पहुंची और प्रशांत गंगाधर रमैया को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

इलेक्ट्रिकली कैल्साइट एंथ्रेसाइट खरीद कर की धोखाधड़ी

जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिकली कैल्साइट एंथ्रेसाइट (इसीआर) खरीदने के बहाने बीएल इंटरप्राइजेज ने गिरिडीह में अपना जाल बिछाया और गिरिडीह के चर्चित उद्योगपति को अपना निशाना बनाया. कार्बन रिसोर्सेस कंपनी से इसीआर खरीदने के बाद भुगतान में धोखाधड़ी की गयी.

बताया जाता है कि मैसूर की कंपनी बीएल इंटरप्राइजेज के नाम से लगभग एक करोड़ 70 लाख पांच हजार 180 रुपये की ठगी विभिन्न चरणों में की गयी. इस पर कंपनी के वित्त प्रबंधक विजय कुमार गुप्ता ने मार्च, 2025 में गिरिडीह नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी.

प्राथमिकी में बताया गया कि मार्च, 2024 में बीएल इंटरप्राइजेज के विसमय लोकेश नामक व्यक्ति ने इलेक्ट्रिकली कैल्साइट एंथ्रेसाइट और अन्य सामान खरीदने का प्रस्ताव दिया था. बताया गया कि बीएल इंटरप्राइजेज द्वारा कंपनी के खाते में कई बार पैसे भेजकर बैंक का यूटीआर भी भेजा गया.

बैंक ट्रांजेक्शन रेफरेंस निकले फर्जी

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब बीएल इंटरप्राइजेज द्वारा भेजे गये सभी बैंक यूनिक ट्रांजेक्शन रेफरेंस (यूटीआर) की जांच की गयी. जानकारी के मुताबिक, फर्जी यूटीआर भेजकर इसीआर प्राप्त कर लिया जाता था. लेकिन भेजे गये यूटीआर में से कई फर्जी थे.

मिली जानकारी के अनुसार, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बैंक के 14 यूटीआर फर्जी थे, जिसके माध्यम से 1.70 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा ठगी करने वाली कंपनी बीएल इंटरप्राइजेज द्वारा की जा रही थी.

झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में की ठगी

जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी करनेवाले इस गिरोह में कई फिल्म कलाकार भी शामिल शामिल हैं. प्रशांत नामक यह व्यक्ति अलग-अलग नामों से ठगी की घटना को अंजाम देता रहा है. झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत कई राज्यों में इस गिरोह ने करोड़ों रुपये का चूना व्यवसायियों को लगाया है.

बताया जाता है कि लगभग डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा आपराधिक और आर्थिक मामले इस गिरोह के विरुद्ध विभिन्न थानों में दर्ज है. गिरिडीह में इसने खुद को बीएल इंटरप्राइजेज के विस्मय लोकेश नाम से अपना परिचय दिया था और इसीआर खरीदने के बहाने ठगी का जाल बिछाया था.

बीएल इंटरप्राइजेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

गिरिडीह नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें भी सूचना मिली है कि बीएल इंटरप्राइजेज से जुड़े प्रशांत गंगाधर रमैया को मुंबई पुलिस ने गिरिडीह कोर्ट में पेश किया है. कहा कि गिरिडीह से जुड़े ठगी के एक मामले में पुलिस उसे रिमांड पर लेगी.

उन्होंने बताया कि बीएल इंटरप्राइजेज के विरुद्ध गिरिडीह नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है. इस गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी. रिमांड पर लेने के बाद पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rakesh sinha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >