मौत के मामले का उद्भेदन पुलिस ने अब तक नहीं किया है. वहीं, मामले के उद्भेदन का दबाव पुलिस पर बढ़ता जा रहा है. दो दिनों पूर्व स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर इस मामले में शामिल दोषी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग भी की है.
सीसीटीवी फुटेज जमा करने में लगी हुई है पुलिस
इधर, पुलिस ने जांच में तेजी लायी है और पायल के घर से लेकर घटनास्थल तक के सभी सीसीटीवी फुटेज एकत्रित कर मामले को सुलझाने में जुट गयी है. इस मामले में मृतका के पिता जागेश्वर दास का कहना है कि मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है. दो युवकों के साथ घटना के लगभग 20 दिन पूर्व झड़प हुई थी. इस दौरान युवकों ने पायल को जान से मारने की धमकी भी दी थी. बताया गया कि बीबीसी रोड में स्थित एक कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाई करने के बाद वह वापस लौट रही थी. इसी क्रम में युवकों ने पायल को कालीबाड़ी चौक के पहले रोका था. इस दौरान पायल की एक सहेली ने बीच बचाव भी किया. बता दें कि 18 मई को सुबह लगभग छह बजे पायल अपने घर से पटेल नगर प्ले स्कूल पहुंची और पढ़ाने के बाद वह सिलाई सीखने गिरिडीह ब्लॉक कैंपस के एक प्रशिक्षण केंद्र में पहुंची. वहां से निकलने के बाद वह अपनी सहेलियों को यह कहकर निकल गयी कि वह उपस्थिति बनाने के लिए स्कूल जा रही है. लेकिन, स्कूल ना जाकर वह उसरी नदी की ओर चल पड़ी. पुलिस ने जो फुटेज संग्रह किया है, उसमें उसे कबीर आश्रम होते हुए उसरी नदी के तरफ जाते हुए देखा गया.
पुल से छलांग लगाने का बनाया था मन
उसरी नदी में उतरने से पहले पायल पुल के पास पहुंची थी. पुल के पास उसने नदी और पुल की ऊंचाई का आकलन किया. संभवत: वह पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या करना चाहती थी. लगभग दस मिनट तक पुल के ऊपर से नदी की ओर झांकती रही. इसके बाद वहां से वह सिहोडीह के छोर से नदी में उतरी. नदी के मध्य हिस्से को पास करते हुए वह नदी के उस छोर पर पहुंच गयी जहां जल का जमाव था. पुलिस ने इसी स्थल से 20 मई की सुबह पानी में तैरते हुए पायल के शव को बरामद किया है. पायल के शव के साथ पुलिस ने एक बैग भी बरामद किया है. इस बैग में दवा, किताब के अलावे मोबाइल भी था.
पायल की मौत के बाद उठ रहे हैं कई सवाल
पायल का शव बरामद होने के बाद कुछ लोगों का कहना है कि उसने आत्महत्या की है, तो वहीं घरवाले इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि उसकी हत्या होने की संभावना है. यदि पुलिस उन युवकों को गिरफ्तार कर छानबीन करे जिसने लगभग 2 दिन पूर्व पायल को धमकी दी थी, तो काफी हद तक सच्चाई सामने आ सकती है. इधर, पुलिस हर पहलुओं पर छानबीन कर रही है. लेकिन कई गुत्थियां ऐसी है जिसे सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. जिस स्थल पर शव की बरामदगी हुई है, वहां जल का जमाव काफी कम था. साथ ही वह स्थल ऐसा है जहां आने-जाने वाले हर लोगों की नजर पड़ ही जाती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि 18 मई को वह पानी में डूबी और 20 को शव की बरामदगी हुई, तो दो दिनों तक किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी. सवाल यह भी उठ रहा है कि जहां उसके आत्महत्या करने की बात कही जा रही है, वहां इतना कम पानी है कि कोई खुद डूबकर आत्महत्या कर सकता है. साथ ही आत्महत्या के लिए दिन में ही उस स्थल के चयन पर भी सवाल उठ रहा है. इधर, पायल के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कोई विशेष तथ्य उभरकर सामने नहीं आया है. फिलहाल यह बात बतायी जा रही है कि पायल की मौत डूबने से हुई है. लेकिन, अब यह देखना होगा कि पायल की मौत डूबने से हुई या डूबाने से हुई. यदि आत्महत्या की गयी है तो इसके कारणों को भी ढूंढना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है. हालांकि ये तमाम सवाल ऐसे हैं जिसका जवाब ढूंढने में पुलिस भी लगी हुई है. फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी विजुअल के अलावे पायल के कई सहेलियों से पूछताछ की है. पायल के मोबाइल के सीडीआर को खंगाला जा रहा है. मौत से पहले पायल ने दो सहेलियों से कई बार बातचीत की थी. एक करीबी सहेली के ह्वाट्स एप पर कुछ चैट भी पुलिस को मिला है. इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस अध्ययन कर मौत के कारणों का कड़ी जोड़ने के प्रयास में लगी हुई है.
क्या कहते हैं एसडीपीओ
इधर, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव का कहना है कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. फिलहाल मौत के कारणों पर स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता है. लेकिन, शीघ्र ही इस मामले का उद्भेदन कर लिया जायेगा.
