Giridih News: बगोदर प्रखंड के मुंडरो पंचायत के ग़महरिया आंगनबाड़ी केंद्र में मंगलवार को आयोजित ग्राम सभा में पांचवीं बार भी सहायिका का चयन नहीं हो सका और पर्यवेक्षिका को बैरंग लौटना पड़ा. बता दें कि तीन सालों में उक्त केंद्र की सहायिका का चयन ग्रामीणों के भारी विरोध से पांचवीं बार भी नहीं हो पाया है. बगोदर प्रखंड के मुंडरो पंचायत के गम्हरिया आंगनबाड़ी की पूर्व सेविका सुदामा देवी के मधुमक्खी के काटने से हुई मौत के बाद सेविका चयन हुआ था और उसी केंद्र में कार्यरत वर्तमान सहायिका बबिता देवी का चयन हुआ था. ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुरजोर विरोध किया था तो पदाधिकारियों ने विभागीय जांच का हवाला देकर लोगों के आक्रोश को शांत करा दिया. क्योंकि कार्यरत रहते बिना अनुमति के डिग्री प्राप्त की है, जो अनुचित है. साथ ही प्राइवेट से दूरस्थ शिक्षा लेने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया होती है, लेकिन एक भी कागजात ऑनलाइन नहीं है. इससे ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि लगातार सभी पहलुओं को जांचते हुए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यापन का मांग करते रहे हैं, लेकिन आज तक विभाग की तरफ से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला. जब सहायिका चयन को पहुंची पर्यवेक्षिका से ग्रामीणों ने फिर वही सवाल किये तो अंत में उन्होंने लिखित रूप से कहा कि वर्तमान सेविका के चयन से संबंधित सुनवाई 26 सितंबर को उपायुक्त के समक्ष होगी और सहायिका चयन की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. मौके पर मुखिया बंधन महतो, पंसस कोलेश्वर मंडल, सुनील महतो, राजू महतो, दिवाकर कुमार, लाल मोहन महतो, गिरधारी महतो, उर्मिला देवी, सारो देवी, सुमन देवी, दूरिता देवी, चमेली देवी, संतोष मंडल, बासुदेव मंडल, प्रदीप मंडल, नंदकिशोर शर्मा आदि मौजूद थे.
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