गिरिडीह. इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल ने ऐसे कई विद्यार्थी तैयार किये हैं, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर बेहतर समाज बनाने में योगदान दिया है. यह बातें राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं.
उन्होंने कहा कि स्कूल की 100 वर्षों की यात्रा गौरवपूर्ण है. विद्यालय ने शिक्षा के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले विद्यार्थियों को तैयार किया है. उन्होंने स्कूल में कंप्यूटर सुविधा को लेकर भी भरोसा दिलाया. कहा कि राज्य के किसी भी स्कूल को कंप्यूटर की जरूरत है और अगर विभाग की ओर से इसकी उपलब्धता नहीं हो पाती है, तो वे अपने विधायक मद से कंप्यूटर उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे.
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने स्कूल को बेहतर बनाने का दिया भरोसा
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने स्कूल को और बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया. उन्होंने स्कूल से जुड़े लोगों के साथ आगे भी मिलकर काम करने की बात कही. समारोह के दौरान उन्होंने स्कूल के वर्तमान और निवर्तमान शिक्षकों को सम्मानित किया.
देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पूर्व विद्यार्थी
स्कूल के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में पूर्ववर्ती विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. दूसरे जिलों और राज्यों से स्कूल के पूर्व विद्यार्थी समारोह में शामिल होने पहुंचे. इस दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने एल्युमिनी एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया.
ये भी पढ़ें: प्रेमिका से मिलने के बहाने युवक को बुलाया, हत्या कर शव ठिकाने लगाने का आरोप; प्रेमिका समेत चार गिरफ्तार
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने रखे विचार
‘सौ साल बेमिसाल’ समारोह में गिरिडीह की मेयर प्रमिला मेहरा, उप मेयर सुमित कुमार, डीईओ विनय कुमार और डीएसई आशीष कुमार हेंब्रम समेत अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे.
कार्यक्रम में मो मुस्तकीम, आसिफ चांद, मो तारिक, मुखिया शब्बीर आलम, वार्ड पार्षद बुलंद अख्तर, सैफ अली गुड्डू, इमरान आलम, मो उमर, अमीन अकेला, मो मोईन आजाद, मो वसीम टिंकू, शहनवाज अख्तर, मशरूर आलम सिद्दिकी, जफर आदिल, संजर आलम, सईद अख्तर, शाहनवाज आलम, बिलाल हुसैनी, गुलाम साकिर, पूर्व वार्ड पार्षद इजराइल, मो सद्दाम, मो फारूक, आदिल सिद्दिकी, सिमरन शाहीन, शगुफ्ता परवीन समेत अन्य मौजूद थे.
