शस्त्र पूजन के साथ विजयादशमी उत्सव मनाया गया. झारखंड प्रांत सह प्रचारक राजू कांत, स्वयंसेवक संतोष राणा, खंड कार्यवाह संतोष वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे. स्वयंसेवक जयकांत अमृत वचन दिया और दिलीप ने शौर्य गीत गया. इसके बाद झारखंड प्रांत सह प्रचारक राजू कांत ने कहा कि आरएसएस की स्थापना स्वयं सेवकों ने 1925 में विजयादशमी के दिन देश को बौद्धिक गुलामी से मुक्त कराने के लिए की गयी थी. तब से इसकी यात्रा प्रेरणादायक है. कहा कि हिंदू समाज संगठित रहेगा, तभी देश सुरक्षित रहेगा. विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी संस्कृति पर प्रहार किया. हिंदू कठिनाई में जी रहा था. हिंदू समाज को हिंदू का गर्व महसूस हो, ऐसा अंग्रेज करने नहीं देते थे. उनकी उपेक्षा की जाती है. इसलिए हिंदू समाज को संगठित करने के लिए आरएसएस का गठन किया गया.
परिवार के सदस्य
मिलकर रहें
कहा कि परिवार में प्रेम कम हो रहा है. परिवार के सदस्य मिलकर रहें. परिवार कमजोर होगा, तो समाज कमजोर होगा. समाज में जाति के बीच लड़ाई हो रही है, जो खतरनाक है. जाति तभी रहेगी, जब हिंदू रहेगा. सभी हिंदू सहोदर भाई हैं. उन्होंने स्वदेशी सामानों के उपयोग पर बल दिया. मौके पर सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित थे.
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