कार्यक्रम का आयोजन डीटीओ संतोष कुमार के नेतृत्व में हुआ. इस वर्ष की थीम ‘सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन’ है. जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीटीओ ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है.
योजनाओं से किये गये जागरूक
मौके पर लर्निंग लाइसेंस (एलएल) बनवाने आये प्रशिक्षु आवेदकों को सड़क सुरक्षा प्रबंधक मो वाजिद ने यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन एवं सड़क सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी. इस दौरान अभ्यर्थियों को हिट एंड रन कानून तथा गुड सेमेरिटन योजना से अवगत कराया गया. कार्यक्रम के अंत में सभी एलएल प्रशिक्षुओं के बीच रोड सेफ्टी हैंडबुक व पंपलेट का वितरण किया गया. इसी दौरान जिला परिवहन विभाग द्वारा जोड़ापहाड़ी गिरिडीह में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया. वाहन चालकों को नियमों से रूबरू कराया गया तथा हेलमेट का वितरण भी किया गया.हादसों के अधिकांश कारण मानवीय लापरवाही
मौके पर डीटीओ संतोष कुमार ने कहा कि सड़क हादसों को यातायात नियमों का पालन कर आसानी से रोका जा सकता है. कार्यक्रम में प्रधान सहायक नगमा जारीन, उच्च वर्गीय लिपिक अनूप सिन्हा, सड़क सुरक्षा प्रबंधक मो वाजिद हसन, साकेत भारती सहित जिला परिवहन कार्यालय के अन्य कर्मी उपस्थित थे.
‘नो हेलमेट नो पेट्रोल, नो सीट बेल्ट नो फ्यूल’ का दिया संदेश
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत सोमवार को जिला परिवहन कार्यालय परिसर में जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों से ‘नो हेलमेट नो पेट्रोल, नो सीट बेल्ट नो फ्यूल’ अभियान का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने का अपील की. डीटीओ ने कहा कि सड़क दुर्घटना की अधिकांश घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं. कार्यक्रम में मोटरयान निरीक्षक शुभम लाल सिंह, इरफान अहमद, गौरी शंकर, कुमार रवि एवं सड़क सुरक्षा प्रबंधक मो. वाजिद हसन सहित जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
