वनभूमि पर पूर्व में बेंगाबाद अंचल से जमाबंदी अपने नाम कायम कराने का मामला प्रकाश में आने के बाद अंचल हरकत में आ गया. अंचल कार्यालय के 18 अप्रैल के पत्र से इस संबंध में भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) गिरिडीह को पत्र प्रेषित करते हुए सीओ ने वनभूमि पर कायम जमाबंदी को रद्द करने का निर्देश मांगा है. इसके बाद जैसे-तैसे वनभूमि पर कब्जा जमाने की फिराक में जुटे भू-माफियाओं की बेचैनी बढ़ गयी है.
क्या है मामला
बताया जाता है कि मधवाडीह पंचायत के चमगड़ा और जाम्बाद में वन विभाग के विशाल भूखंड पर भू-माफिया फर्जी तरीके से अपने नाम करने में जुटे थे. फर्जी डीड के सहारे अपने नाम जमाबंदी करवाने में भी सफल रहे थे. इसकी जानकारी के बाद स्थानीय मुखिया मो सदिक अंसारी ने मामले की जानकारी अंचल के साथ-साथ डीसी, एसडीओ, एसी के साथ-साथ आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों से पत्राचार किया.
भू-माफिया की नींद उड़ी
मामला संज्ञान में आने के बाद वन विभाग से उपलब्ध करायी गयी जानकारी में स्पष्ट हो रहा था कि वनभूमि पर जमाबंदी हासिल कर उसे कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. सीओ आमिर हमजा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एलआरडीसी को पत्र प्रेषित करते हुए वन भूमि पर कायम जमाबंदी को निरस्त करने का निर्देश मांगा है. विदित हो कि बेंगाबाद के विभिन्न इलाकों में भू-माफियाओं का संगठित गिरोह सक्रिय है जो वन भूमि के साथ-साथ सीधे-सादे रैयतों को डरा-धमका कर जमीन की खरीद-बिक्री में सक्रिय है. विभागीय कार्रवाई के बाद ऐसे भू-माफिओं की नींद उड़ गयी है.
