बारिश ने परसाटांड़ पंचायत के बजगुन्दा गांव के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है. गांव की कच्ची सड़क पर जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ होने से आवागमन मुश्किल हो गया है. यूसुफ अंसारी के घर से पंचायत भवन तक जाने वाली सड़क की स्थिति सबसे खराब है. बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से कई जगह दलदल जैसी स्थिति बन गयी है. इससे पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है.
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं, बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है. पानी और कीचड़ के कारण रास्ते से दुर्गंध आने लगी है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. कई जगह पानी से बचकर निकलने के लिए लोगों को सड़क के किनारे से होकर गुजरना पड़ता है.
पंचायत भवन तक पहुंचना भी हुआ मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क गांव के लिए महत्वपूर्ण है. इसी रास्ते से लोग पंचायत भवन समेत अन्य जरूरी स्थानों तक आते-जाते हैं. सड़क की बदहाल स्थिति का असर रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ रहा है. बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है.
वर्षों से पक्की सड़क की मांग, अब स्थायी समाधान की जरूरत
ग्रामीणों शमीम अंसारी, तसलीम अंसारी, हाफिज रहमत, रज्जाक अंसारी, परमेश्वर तुरी, बैजनाथ राणा, सुरेश हजाम और यूसुफ अंसारी ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से सड़क का जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
ग्रामीण बोले- मिट्टी-मोरम से नहीं निकलेगा रास्ता
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर मिट्टी या मोरम डाल देने से कुछ दिनों के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. सड़क का पक्कीकरण और पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था जरूरी है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द पहल कर सड़क निर्माण कराने की मांग की है.
