गिरिडीह.
पैन इंडिया बाल मजदूर रेसक्यू न पुनर्वास अभियान के तहत जिला प्रशासन के आदेश पर शुक्रवार को धावा दल ने गिरिडीह के विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों का निरीक्षण किया. इस दौरान बिरयानी नंबर वन कचहरी रोड गिरिडीह व चाय दुकान मकतपुर चौक में नियोक्ता द्वारा बच्चों से काम कराते हुए देखा गया. निरीक्षण में पाया गया कि बच्चे बिरयानी व चाय बनाने, ग्लास, कप, प्लेट धोने व साफ सफाई के काम मे लगे हुए थे. रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया. धावा दल में श्रम विभाग से विजय राज, टाउन थाना गिरिडीह के एएसआई अरविंद कुमार पाठक, जिला बाल संरक्षण इकाई के रविंद्र सिन्हा, बनवासी विकास आश्रम, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के सुरेश कुमार शक्ति व मुकेश कुमार, चाइल्ड लाइन के नरेश वर्मा आदि शामिल थे. विदित हो कि राष्ट्रीय बाल सरंक्षण आयोग भारत सरकार द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु एक जून से 30 जून तक रेसक्यू व पुनर्वास अभियान चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत गिरिडीह को बालश्रम मुक्त जिला बनाने हेतु कई कदम उठाये जा रहे हैं. बाल दास्तां के खिलाफ इस अभियान से अभी तक 10 बच्चों को बचाया गया है. बाल अधिकार एक्टिविस्ट सुरेश कुमार शक्ति ने कहा कि बालश्रम के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है क्योंकि नियोक्ताओं में भय नहीं है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
