बैठक के दौरान जिले में बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी समस्याओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गयी. डॉ अहमद ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. कहा कि गिरिडीह शहरी क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था अच्छी नहीं है. कई स्थानों पर लंबे समय से रोप आउट की समस्या बनी हुई है, जिसके कारण लोगों को लगातार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा कई क्षेत्रों में हाइटेंशन तार जर्जर अवस्था में हैं, पोल की भी समस्या है.
प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्य शुरू करें
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर अविलंब आवश्यक कार्य शुरू करें. बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से कार्य करना होगा. ताकि आम लोगों को राहत मिल सके. डॉ अहमद ने पूरे मामले से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा झारखंड बिजली बोर्ड के चेयरमैन को भी अवगत कराया है. बैठक में मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द पूरे जिले में विशेष टीमों का गठन कर फील्ड सर्वे कराया जायेगा. इसके बाद जर्जर तारों व पोल बदले जायेंगे. जहां-जहां तकनीकी खराबियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जायेगा. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में गिरिडीह जिले की बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा.
