साइबर अपराध से बचाव, नये आपराधिक कानूनों की जानकारी और सड़क सुरक्षा को लेकर शनिवार को प्रोजेक्ट गर्ल्स प्लस टू हाई स्कूल, पीरटांड़ में जागरूकता अभियान चलाया गया. एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर पीरटांड़ पुलिस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित रहने के जरूरी उपायों की जानकारी दी गयी.
BNS-बीएनएसएस के प्रमुख प्रावधान बताये
थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गयी. थाना प्रभारी ने कहा कि विद्यार्थियों को कानून की सामान्य जानकारी होना जरूरी है. किसी आपराधिक घटना का सामना होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए.
उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी.
अनजान लिंक, कॉल और OTP से रहें सावधान
साइबर अपराध को लेकर छात्राओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी. पुलिस ने कहा कि मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें और किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करें.
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय भी सतर्क रहने को कहा गया. पुलिस ने छात्राओं को समझाया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने या देर करने के बजाय तत्काल शिकायत करनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
सड़क पर छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी
जागरूकता अभियान में सड़क सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गयी. छात्राओं को हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और तेज गति से वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गयी. सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर आगे बढ़ने के लिए कहा गया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों की अनदेखी छोटी सी लापरवाही को गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है. इसलिए सड़क पर हमेशा सतर्क रहना जरूरी है.
परिवार और समाज को भी जागरूक करने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव में जागरूकता की अहम भूमिका है. छात्राएं स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी, सोशल मीडिया की सावधानियों और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें.
कार्यक्रम में शिक्षक आशीष मंदिलवार, संजीत सिन्हा समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद थीं.
