टीम के सदस्यों ने बताया कि इस पंचायत के 12 ऐसे पेंशन लाभुक हैं, जिनकी मृत्यु हो चुके हैं, बावजूद उसके खाते में पेंशन की राशि जा रही है. बताया कि वर्ष 2025 के सितंबर माह तक पेंशन की राशि का भुगतान किया गया है. नामों को सार्वजनिक करते हुए आमसभा से इसकी पुष्टि करायी गयी. बताया कि जिन लाभुकों की मौत हो चुकी है, उनका नाम पेंशन की सूची से हट जाना था, ताकि सरकारी राशि उसके खाते में नहीं आ सके.
एक महिला पति के रहते ले रही विधवा पेंशन
वहीं 11 ऐसे भी लाभुक पाये गये हैं, जिनकी पेंशन की स्वीकृति के समय निर्धारित आयु पूरी नहीं हुई थी. कम उम्र होने के बाद भी उसे पेंशन के योग्य बताते हुए पेंशन की राशि का भुगतान किया गया है. बताया कि वर्षों से ऐसे लाभुक पेंशन का लाभ ले रहे हैं. वहीं, एक महिला को विधवा पेंशन दिया जा रहा है, जबकि उसके पति अब भी जिंदा हैं. उसके पति की मौत वर्ष 2014 में ही दिखाकर उसे विधवा पेंशन के लिए योग्य बताया गया है.
सूची प्रखंड को भेजी गयी है : पंचायत सचिव
मामला आने के बाद पंचायत सचिव विजय प्रसाद ने बताया कि जिन लाभुकों की मौत हो चुकी है, उसकी सूची प्रखंड में भेज दी गयी है. प्रखंड से बैंक में भेजे जाने की भी बात कही गई है. इसके बावजूद उसके खाते में राशि आ रही है, तो पुनः रिपोर्ट विभाग को की जायेगी. मुखिया प्रियंका कुमारी ने कहा कि कम उम्र को अधिक करना और जीवित को मृत घोषित करने का काम ऑपरेटरों का है. कहा कि इसकी रिपोर्ट बीडीओ को दी जायेगी. मौके पर जिप सदस्य केदार हाजरा, पूर्व मुखिया नरसिंह नारायण देव, मीठु राउत, अमर किस्कू, राजेश राम, रोजगार सेवक अजीत कुमार सुमन सहित पंचायत के विभिन्न गांवों के लाभुकों की उपस्थिति थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
