Giridih News:दूसरे दिन भी जारी रही स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल, मरीज रहे परेशान

Giridih News: जिले में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहने से मरीजों को परेशानी हुई.

Giridih News: जिले में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही. सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत ये कर्मी अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर धरना पर डटे हुए हैं. कर्मियों ने अस्पताल परिसर में ही धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है. ओपीडी, लैब, वार्ड से लेकर इमरजेंसी सेवाओं में कर्मियों की अनुपस्थिति से मरीजों को परेशानी हो रही है. कई मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों की कमी से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा. धरना पर बैठे कर्मियों ने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिये जाने तक हड़ताल जारी रहेगी. कर्मियों की मांगों में लंबित मानदेय का भुगतान, बायोमीट्रिक उपस्थिति में त्रुटियों का समाधान, सेवा की स्थिरता और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार की गारंटी आदि शामिल है.

हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर :

सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अस्पताल परिसर में अधिकतर आउटसोर्सिंग कर्मी अपने कार्यस्थल पर न जाकर धरना स्थल पर डटे रहे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गयी हैं. गौरतलब है कि सदर अस्पताल समेत जिले के अन्य प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती है. पोस्टमार्टम हाउस, ओपीडी, पंजीयन काउंटर, दवा वितरण कक्ष, लैब और डायलिसिस यूनिट जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी आउटसोर्सिंग के तहत ही नियुक्त हैं. ऐसे में उनके हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ा है. अस्पताल में पंजीयन काउंटर पर जहां सामान्य दिनों में तीन कर्मी बैठते हैं, वहीं मंगलवार को केवल एक कर्मी ही कार्यरत रहा. इसका नतीजा यह हुआ कि मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लंबी लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ा. ओपीडी में भी एकमात्र कर्मी तैनात था, जिससे मरीजों को रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर से मिलने तक में मुश्किलें आयी. दवा वितरण कक्ष में भी नियमित फार्मासिस्ट की जगह फार्मासिस्ट ट्रेनिंग कर्मी को बैठाया गया, जिससे दवा मिलने में भी देरी हो रही है. कई मरीज इधर-उधर भटकते देखे गये.

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By Manoj kumar

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