इसमें स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पशुपालन व कल्याण विभाग के स्टॉल लगाये गये. वहीं, पेयजल व स्वच्छता, कृषि, आपूर्ति सहित अन्य विभाग के ना तो स्टॉल लगाये गये और ना ही कोई अधिकारी व कर्मी उपस्थित हुए. इस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया.
पेयजल की समस्या को लेकर पहुंचे ग्रामीण
दुलाभिठा गांव के मिशन टोला की महिलाएं पेयजल की समस्या को लेकर कैंप में पहुंची. प्रियशीला मुर्मू, बिबियाना सोरेन, तेरेसा मुर्मू, सुनीता हांसदा, रोस हांसदा आदि का कहना था कि मिशन टोला में 30 परिवार एक चापाकल पर आश्रित हैं, जिससे पीने के साथ-साथ नहाने, कपड़ा व बर्तन धोने का कार्य किया जाता है. वर्तमान समय में उमस भरी गर्मी में सभी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन, कैंप में पेयजल व स्वच्छता विभाग के अधिकारी व कर्मी के नहीं रहने को लेकर लोग आवेदन नहीं जमा कर पाये. वह अपनी बात कहां रखें यह समझ में नहीं आ रहा है. मौके पर नोडल पदाधिकारी श्रीकांत कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी एसके पोद्दार, पंचायत सेवक युगलकिशोर पासवान, स्टेला हांसदा, पूर्व पंसस भुवनेश्वर हाजरा, झामुमो को पौलुष हांसदा समेत अन्य थे.
