यहां की गयी बोरिंग से भी खारा व आयरन युक्त पानी की निकलता है, जिसका उपयोग साफ-सफाई तक सीमित होकर रह गया है. यहां प्रतिदिन प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से लोग प्रखंड कार्यालय में आते हैं, लेकिन यहां पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. गर्मी आने के बाद लोगों को परेशानी और बढ़ जाती है. लोग बाहर से पानी खरीदकर पीने के लिए विवश रहते हैं.
दो वर्ष पूर्व लगी थी वाटर एटीएम
यहां लाखों की लागत से लगभग दो वर्ष पहले एटीएम लगवायी गयी थी, जो शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. बताया जा रहा है कि वाटर एटीएम बनने के बाद यहां बोरिंग करवायी गयी, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पायी. इसके कारण एमटीएम को उपेक्षित छोड़ दिया गया है.मरीज व उनके परिजन भी परेशान
प्रखंड कार्यालय के बगल में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति भी पेयजल के मामले में काफी बदतर है. यहां परिसर पेयजल की सुविधा नहीं के बराबर है. प्रतिदिन यहां पूरे प्रखंड से लोग इलाज के लिए आते हैं. प्रतिदिन यहां प्रसुति महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं. बंध्याकरण ऑपरेशन आदि भी होता है. मरीजों के साथ एक0दो परिजन भी रहते हैं, जिन्हें पेयजल नहीं मिलने से काफी परेशानी होती है. सबसे अधिक परेशानी रात में होती है. क्योंकि, रात में आसपास की सभी दुकानें बंद हो जाती हैं. लोग चाहकर भी पीने का पानी खरीद नहीं पाते हैं. पेयजल के लिए आरओ लगाया गया था, जो इस समय खराब है. मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महेश्वरम का कहना है कि पानी की व्यवस्था को ले विभाग को लिखा गया है. परिसर में पेयजल की सुविधा शीघ्र बहाल कार्रवाई जायेगी.मामले में विभाग को लिखा गया है : बीडीओ
बीडीओ महेंद्र रविदास ने कहा कि एटीएम चालू करने को ले संबंधित विभाग को लिखा गया है. वे लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं. इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को भी दी गई है.क्या कहते हैं लोग
प्रखंड के महत्वपूर्ण संस्थानों में पेयजल की व्यवस्था नहीं रहना चिंता का विषय है. इन स्थानों में सुदूर क्षेत्रों से लोग विभिन्न कार्यों से आते हैं. पेयजल की सुविधा नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. जिले के वरीय पदाधिकारियों को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए.
नवीन प्रसाद यादव, सांसद प्रतिनिधि
प्रखंड सह अंचल कार्यालय व सीएचसी में गर्मी को देखते हुए पेयजल की सुविधा को दुरुस्त करना जरूरी है. वाटर एटीएम चालू करवाने को ले बैठक में चर्चा करते हुए वरीय पदाधिकारियों व सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इस दिशा में पुनः वरीय पदाधिकारियों को पत्राचार किया जायेगा.
