ग्राम सभा को संबोधित करते हुए बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश कर रही है. मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलकर मजदूरों से जुड़े सवालों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है. मजदूर विरोधी कानून लाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के जल-जंगल-जमीन पर भी गहरा संकट है. अरावली जैसे पहाड़ों को अदानी-अंबानी जैसे कॉरपोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है, जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को बकाया राशि नहीं दिये जाने के कारण पंचायतों को विकास योजनाओं को गति नहीं मिल पा रही है. पंचायत स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. वहीं, झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान व मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना समेत अन्य योजनाएं जमीनी स्तर पर विफल साबित हो रहीं हैं. इन तमाम जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शहीद महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोगों के बगोदर पहुंचने और संघर्ष का संकल्प लेने का आह्वान किया. अन्य वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र सिंह के विचारों और विरासत को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी. ग्राम सभा में भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य भोला लाल मंडल, शमीम अंसारी, जाकिर हुसैन, खुर्शीद अंसारी, अमन पांडेय, राहुल राज मंडल, सगीर हुसैन समेत अन्य मौजूद थे.
भाकपा माले ने चलाया धान संग्रह अभियान
बिश्नीटीकर में महेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर 16 जनवरी बगोदर चलो अभियान को लेकर धान संग्रह किया गया. अभियान पूर्व विधायक राजकुमार यादव व पार्टी सचिव सकलदेव यादव की उपस्थिति में चला. श्री यादव ने कहा कि इस बार महेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर बगोदर में जनसैलाब उमड़ेगा. मौके पर प्रदीप यादव, पिंटू कुमार, जितेंद्र मंडल, गोकुल तुरी, विजय कुमार, लखन साव, गौतम कुमार, बासो महतो, इस्लाम अंसारी आदि थे.भाकपा माले की ब्रांच कमेटियों की बैठक
भाकपा माले बुतरूआटांड़ व कुशवर ब्रांच कमेटी की संयुक्त बैठक कुश्वर में रविवार को हुई, अध्यक्षता जवाहर यादव ने की. बैठक की शुरुआत केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी संकल्प पत्र के पाठ से हुई. इसके बाद लोकल कमेटी के सचिव टेकनारायण यादव ने 16 जनवरी को महेंद्र सिंह के शहादत दिवस, सदस्यता नवीकरण, नये सदस्य बनाने, कोष संग्रह अभियान सहित अन्य संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी. इस दौरान उपस्थित साथियों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये. जिला कमेटी सदस्य रामकिशुन यादव ने कहा कि आज के निजीकरण और पूंजीवादी दौर में शहीद महेंद्र सिंह तथा भाकपा माले की विचारधारा और अधिक प्रासंगिक हो गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार बड़े-बड़े सरकारी संस्थानों को उद्योगपतियों के हवाले कर रही है. मजदूर विरोधी कानून लागू किये जा रहे हैं. पुराने श्रम कानूनों को बदलकर चार श्रम संहिता लायी गयी है. वहीं, मनरेगा कानून में बदलाव कर श्रमिकों का शोषण बढ़ाया जा रहा है. इससे स्पष्ट है कि केंद्र की भाजपा सरकार जनविरोधी और फासीवादी रवैया अपना चुकी है. कहा कि ऐसे समय में एकमात्र विकल्प महेंद्र सिंह और भाकपा माले का रास्ता है. बैठक में कंचन देवी, सोनी देवी, पिंकी देवी, सोनिया देवी, फुलवा देवी, प्रमिला देवी, गुड़िया देवी, मेनेजर यादव, भुनेश्वर यादव, कालेश्वर यादव, सुरेश यादव, छोटेलाल यादव, दिनेश यादव, दीपन हजरा, कांग्रेस हजरा, अशोक पंडित, देवी यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
