नर्सरी मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जल, जंगल, जमीन की हमेशा बात करते थे. जंगल को सुरक्षित रखने में आदिवासी समाज ने अतुलनीय योगदान दिया है. वनों को संरक्षण करने का काम किया है. आज भी जहां आदिवासी है वहां जंगल सुरक्षित है. वन क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावना है. घाघरा के 37 एकड़ से अधिक भूमि पर चेकडैम का निर्माण कराया जा रहा है. इससे वन भूमि सुरक्षित होने के साथ साथ जल संरक्षण का कार्य होगा. कहा कि सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिए कई योजनाओं को धरातल पर उतार रही है.
मानव और पेड़-पौधे एक दूसरे के पूरक : कल्पना
विधायक कल्पनासोरेन ने कहा कि गांडेय की जनता धन्यवाद की पात्र है जिसने उन्हें भरपूर सहयोग दिया. अब उन्हें मौका मिला है तो तस्वीर भी बदलती दिख रही है. पूर्व में इस पथ होकर आयी थी तब इसकी स्थिति काफी जर्जर थी. वन विभाग का सहयोग मिला और उनके प्रयास से आज सडक की नयी तस्वीर सामने है. कहा कि मानव और पेड़-पौधे एक-दूसरे के पूरक हैं. पेड़-पौधे हमें आक्सीजन देते हैं और कॉर्बन डाइ ऑक्साइड ग्रहण करते हैं. हमें जंगलों को बचाना होगा, तभी जीवन बचेगा. आदिवासी समाज नदी, पहाड, जंगल का संरक्षण करते हैं. उनकी वजह से हम है और हमें उसे बचाना है. जंगल में पानी की कमी को दूर करने के लिए सवा करोड़ की लागत से चेकडैम का निर्माण कराया जा रहा है. इससे वर्षा का जल संग्रहित होगा और मनुष्य के साथ-साथ जंगली जानवरों को लाभ मिलेगा. खंडोली मोड़ पर काॅटेज बनने से पर्यटकों को लाभ मिलेगा.सात हजार एकड़ में फैला है साल का जंगल
डीएफओ मनीष तिवारी ने कहा कि गिरिडीह का जंगल सात हजार एकड़ में फैला है. यहां से प्रसिद्ध नदी अजय का उद्गम स्थल भी है. जंगल है तो पानी है. जंगल कटता है, तो वर्षा की कमी होगी. पानी को संरक्षित करने के लिए चेकडैम का निर्माण आवश्यक है.
ये थे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रमुख मीना देवी, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, प्रखंड अध्यक्ष नुनूराम किस्कू, पूर्व विधायक केदार हाजरा, विजय सिंह, कृष्ण मुरारी शर्मा, खुर्शीद अनवर हादी, मो सिराज, सुरेन्द्र सोरेन, सुधीर रजवार के अलावा कई झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे. सुरक्षा व्यवस्था में एसपी, डीडीसी, एसडीओ के अलावा सीओ आमिर हमजा, बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू, एई विजय कुमार, रेंजर एसके रवि, सुरेश रजक, प्रभारी वनपाल रोहित पंडित, जितेंद्र सिंह समेत अन्य थे.
