संघ के प्रदेश अध्यक्ष नारायण महतो ने सीएम के हवाले से कहा कि उन्होंने सरकार बनते ही सहायक अध्यापकों को वेतनमान के समतुल्य मानदेय देने, अनुकंपा का लाभ देने, कल्याण कोष के गठन व मानदेय में वृद्धि की बात कही थी. अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है. सरकार के रवैये से राज्य के 60 हजार सहायक अध्यापकों में भारी आक्रोश है. यह आक्रोश कभी भी सड़कों पर दिख सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने बढ़ायी उम्मीद
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रिक्तियों की पहचान कर विज्ञापन जारी करने, मेधा सूची तैयार करने और नियुक्ति पत्र देने की सीमा भी तय कर दी है. कोर्ट में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए चार हफ्ते के भीतर रिक्तियों का निर्धारण करने और विज्ञापन जारी होने के दस हफ्ते के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश भी सरकार को दिया है. जस्टिस पंकज मित्तल और एसवीएन भट्टी की पीठ ने झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती नियमावली 2012 और झारखंड प्राथमिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2022 के तहत पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित उपलब्ध रिक्तियों के 50 प्रतिशत पदों पर पारा शिक्षकों को संयोजन करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अभी भी झारखंड में प्राथमिक कक्षा के लिए 83595 पद रिक्त हैं. उच्च प्राथमिक के 37133 पद रिक्त हैं.ये थे उपस्थित
बैठक की अध्यक्षता सुधीर प्रसाद ने की. मौके पर दिनेश पासवान, केदार महतो, कालेश्वर प्रसाद ठाकुर, कैलाशपति मिश्रा, हेमंत कुमार, विजय कुमार, रामचंद्र मंडल, दामोदर प्रसाद मंडल, बालेश्वर प्रसाद, हिना परवीन, हेमंती कुमारी, आनंद कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह, मसूद खान, उपेन्द्र प्रसाद, अरुण कुमार, राजेश प्रसाद, सैयद बिन्यामिन, मो हसीमुद्दीन अंसारी, महेश महतो, परमेश्वर महतो, कौशल प्रसाद, दयानंद सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
