प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की बोवाई संभव नहीं हो पा रही है, पर मक्का की अच्छी पैदावार होने की संभावना जतायी जा रही है. प्रखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में खेतों के ढालनुमा होने के कारण मक्का, अरहर आदि के लिए काफी उपयुक्त है. मक्का की खेती में अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता होती है. इस समय सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में मक्का अरहर आदि की फसल लहलहा रही है.
धान की खेती पर लगा ग्रहण
वर्षा नहीं होने से लोग धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं. सिंचाई की सुविधा वाले कुछ स्थानों में किसान डीजल पंप या मोटर की सहायता से धान की खेती कर रहे हैं. कम वर्षा होने के कारण तालाब कुआं आदि भी पर्याप्त जल नहीं होने से परेशानी हो रही है.
किसान राजकुमार सिंह, अश्विनी कुमार, डोमी सिंह आदि ने कहा कि कुछ स्थानों पर लोग जैसे-तैसे फसल लगा रहे हैं, पर वर्षा नहीं होने से उसका उत्पादन नहीं हो पायेगा. मोटर आदि से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं, पर एक-दो दिन में खेत पूरी तरह सूख जा रहा है. क्षेत्र में बिजली की स्थिति भी काफी खराब है. लो वोल्टेज के कारण मोटर भी नहीं चल पाता है. जल स्तर भी काफी नीचे चला गया है. धान का बिचड़ा भी नष्ट होने के कागार पर है.
