प्रत्येक साल दिसंबर माह की शुरुआत से लेकर जनवरी माह के अंतिम सप्ताह तक पारसनाथ व मधुबन में खूब चहल-पहल रहती है. देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जत्था सम्मेद शिखर में पहुंचेकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेता है. स्कूली बच्चे से लेकर युवाओं का समूह और परिवार पारसनाथ की खूबसूरती के बीच सैर सपाटे का मजा लेते हैं.
भोमिया बाबा मंदिर में हुआ विशेष कार्यक्रम
इधर पुराने वर्ष की विदाई और नववर्ष के आगमन के अवसर पर मधुबन के श्लेतांबर धर्मशाला परिसर स्थित भोमिया बाबा के मंदिर में रात भर भजन-कीर्तन हुआ. श्रद्धालु भोमिया बाबा का दर्शन पूजन कर नव वर्ष का स्वागत करते हैं. नववर्ष को लेकर मधुबन को दुल्हन की तरह सजाया गया है. जगह-जगह तोरण द्वार बनाये गये हैं. दुधिया रोशनी से मधुबन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को लुभा रहा है. मधुबन की सभी लगभग संस्थाओं के धर्मशालाओं में कमरे बुक हैं.
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