पुरुलिया महाजुटान में शुभेंदु अधिकारी का 'जयराम महतो' पर पलटवार, कहा- 'चुनावी नेताओं के बहकावे में न आए कुड़मी समाज'

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में आयोजित कुड़मी करमा महोत्सव में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इशारों-इशारों में जयराम महतो पर हमला बोलते हुए कुड़मी समाज को सचेत किया.

Kudmi Maharally, पुरुलिया : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आयोजित भव्य 'कुड़मी करमा महोत्सव सह महाजुटान रैली' में तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है. रैली में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कई प्रदेश के प्रमुख नेता शामिल रहे. इस दौरान बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता सह डुमरी विधायक जयराम महतो पर इशारों इशारों में करारा हमला बोला है. उन्होंने वहां पर बड़ी संख्या में मौजूद कुड़मी समाज को सचेत करते हुए कहा कि समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो उनकी मांगों को सही राजनीतिक और संवैधानिक पटल पर रख सके, न कि केवल चुनावी रैलियों तक सीमित रहे.

'बीजेपी के पैसे से रैली का फैलाया जा रहा भ्रम'

शुभेंदु अधिकारी ने रैली के आयोजक अजीत महतो की बात का हवाला देते हुए कहा, "अजीत दा बता रहे थे कि झारखंड में एक नए नेता आए हैं, जो दावा कर रहे हैं कि यह रैली बीजेपी के पैसे से हो रही है." उन्होंने युवाओं से अपील की है कि कुड़मी समाज किसी के बहकावे में न आए और अपनी संस्कृति, कुड़माली भाषा और एसटी (ST) दर्जे जैसे वाजिब अधिकारों के लिए सही दिशा में एकजुट होकर संघर्ष करे.

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कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने का आश्वासन

रैली के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कुड़मी समाज की वर्षों पुरानी भाषाई मांग पर बड़ा आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से बात रखी जा रही है और इस दिशा में सकारात्मक पहल जारी है.

क्या कहा था कुड़मी महारैली के बारे में जयराम महतो ने

दरअसल कुछ दिन पहले जयराम महतो ने पुरुलिया में आयोजित होने वाले कुड़मी महारैली पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि इस भव्य करम महोत्सव और महाजुटान के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सीधा राजनीतिक हाथ है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर यह विशुद्ध रूप से समाज का सांस्कृतिक कार्यक्रम है तो यह अच्छी बात है और वे इसके लिए शुभकामनाएं देते हैं. जयराम ने पहले ही इस कार्यक्रम से दूरी बना ली थी.

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By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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