इस दौरान आदि कर्मयोगी अभियान की जानकारी एवं इसके तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा की गयी. बताया गया कि पीरटांड़ प्रखंड में कुल 34 गांवों में आदि कर्मयोगी केंद्र संचालित होंगे. इनमें केंद्र की सभी योजनाओं काे शत-प्रतिशत लागू किया जाना है.
ग्रामसभा की भूमिका होगी निर्णायक
बताया गया कि गावों में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत स्थापित आदि सेवा केंद्रों के स्थापित हो जाने से योजनाओं के चयन से लेकर कार्यान्वयन तक ग्रामसभा की भूमिका निर्णायक हो जायेगा. गांव में सरकारी योजनाओं की पहुंच, योजनाओं के लिए लाभुकों का चयन, योजनाओं को धरातल पर उतारने सहित अन्य जिम्मेदारी अब ग्रामीणों के हाथों में होगी. कहा इस केंद्र से ग्रामीणों को अब अधिकारियों व कार्यालयों का चक्कर काटने से निजात मिलेगी.ये थे मौजूद :
मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी जेपी मेहरा, अंचल अधिकारी ऋषिकेश मरांडी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुशील आनंद, लइका तुरी आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
