सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था. आसमान में काले बादल छाये थे और बीच-बीच में बादलों की गड़गड़ाहट सुनायी दे रही थी, लेकिन बोलबम और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भक्तों का हुजूम मंदिर परिसर की ओर बढ़ता रहा. बारिश की संभावना के बाद भी श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक किया. जिले के अलावा पड़ोसी जिलों और बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.
व्यवस्था और सुरक्षा की थी पुख्ता व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे. सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में पूरा मंदिर था.
धार्मिक महत्व
वैशाख सोमवारी का झारखंडधाम में विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस मास में महादेव को शीतल जल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. शिवभक्त दिनेश वर्मा, संदीप सिंह, विजय सिन्हा, ओमकार वर्मा समेत अन्य ने कहा कि मंदिर प्रांगण में दुकान लगाने से लोगों को परेशानी होती है. शौचालय के सामने गंदगी फैली हुई है. साफ-सफाई जरूरी है.
