कोरोना काल : कोई किचेन में पत्नी का दे रहा साथ तो कोई बच्चों को पढ़ा रहा

गिरिडीह : कोरोना काल के लॉकडाउन में लोगों ने धीरे-धीरे अपने समय को बेहतर ढंग से बिताना सीख लिया है. प्रधानमंत्री के निर्देशों का लोग अब पूरी तरह से अनुपालन करने लगे हैं. पुरुष जहां घरों के किचेन में महिलाओं का हाथ बंटा रहे हैं तो कोई घर में बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर […]

गिरिडीह : कोरोना काल के लॉकडाउन में लोगों ने धीरे-धीरे अपने समय को बेहतर ढंग से बिताना सीख लिया है. प्रधानमंत्री के निर्देशों का लोग अब पूरी तरह से अनुपालन करने लगे हैं. पुरुष जहां घरों के किचेन में महिलाओं का हाथ बंटा रहे हैं तो कोई घर में बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर रहे हैं. इसके अलावे युवा भी डिश बनाने का प्रयोग कर रहे हैं. कुछ बेटियां मां के साथ रहकर बटन लगाने, सिलाई-कढ़ाई में जुटी हुई हैं. लॉकडाउन ने लोगों की लाइफ स्टाइल को पूरी तरह से बदल दिया है.

सभी के कामकाज में हाथ बटा रहे :

काम-काज, खाने-पीने, घूमने फिरने से लेकर हर उस कार्य में कोरोना काल ने बदलाव ला दिया है. कामकाजी लोग अपना अधिकतर समय घर में बिता रहे हैं. घर पर रहते हुए लोग अपने ऑफिस का काम तो घर पर पूरा कर ही रहे हैं, साथ ही घर के कामों में भी हाथ बंटा रहे हैं. खाना बनाने से लेकर चिरैयाघाट रोड के संदीप गुप्ता अपनी पत्नी कृति गुप्ता का किचेन में साथ दे रहे है. संदीप गुप्ता कहते हैं कि लॉकडाउन के दौरान घर पर रहने का अवसर मिला है और इस अवसर का पूरा फायदा उठा रहे हैं. बताया कि किचेन में नये-नये पकवान बना रहे है.

परिवार में रहने का अनुभव दुर्लभ :

डॉक्टर लाइन में रहनेवाली प्रेरणा शाखा की पदाधिकारी लक्ष्मी शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में वे घर के सभी सदस्यों के साथ समय बिता रहे हैं. ऐसे में घर के लोग हर दिन अलग-अलग पकवान खाने की इच्छा जाहिर करते हैं और उनके लिए उनकी पसंद के पकवान भी बना रही हूं. मकतपुर निवासी राजन जैन कहते हैं कि अभी बच्चों के साथ रहने का मौका मिला है. बिजिनेस के कारण परिवार को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे और न ही बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे पा रहा था. अब लॉकडाउन में स्कूल बंद है तो बच्चे भी घर में ही हैं. अब घर पर ही बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. बच्चे भी ऑनलाइन पढाई कर रहे हैं.

बच्चे जान रहे रामायण-महाभारत की कथा चिरैयाघाट रोड़ निवासी प्रो. बालेंदु शेखर त्रिपाठी वैसे तो गिरिडीह कॉलेज में प्राध्यापक हैं. इस बाबत श्री त्रिपाठी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण फिहलाल उन्हें घर पर ही रहना पड़ रहा है और बच्चे भी घर पर ही हैं. ऐसे में दूरदर्शन पर चल रहे रामायण व महाभारत नियमित देख रहे है. अपनी बच्ची को यह भी बता रहे हैं कि रामायण के पात्र कैसे हमारी जिंदगी से वास्ता रखते हैं उनके आदर्श हमारे लिए कितने उपयोगी है. बताया कि बच्चों को संस्कारित करना बहुत ही जरूरी है. लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर दोनों धारावाहिक के शुरू होने के बाद समय बहुत ही कायदे से बीत रहा है.

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By Prabhat khabar news desk

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