5. गिरिडीह. 109, 110. प्रतिमा विसर्जन को ले जाते श्रद्धालुगाजे-बाजे और नगाड़ों की थाप पर युवा, महिलाएं और बच्चे भक्ति गीतों की धुन पर झूमते रहे. मां की आरती और पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला किया. एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर उन्होंने देवी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. इसके प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ लोग प्रतिमा लेकर निकले. पूरे सिहोडीह का भ्रमण कर लोग उसरी नदी घाट पहुंचे. यहां प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया. पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक राम, मीडिया प्रभारी श्याम कुमार, कोषाध्यक्ष उमेश यादव, उपाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद, उपसचिव विजय सिंह, पप्पी सिंह, छोटू राम समेत कई पदाधिकारियों और युवाओं ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभायी. समिति के सदस्यों ने बताया कि सिहोडीह का यह आयोजन दूसरे वर्ष ही पूरे मुफस्सिल क्षेत्र की पहचान बन गया है.
पुलिस प्रशासन भी रहा सतर्क
मेले और विसर्जन कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. आमबागान परिसर और आसपास के पूरे इलाके में अतिरिक्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो के साथ एसआई मुकेश पंडित, विवेक माथुरी व श्वेता कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी भीड़ पर नजर बनाये रखे थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
