Giridih News: अवैध रूप से संचालित क्रशर सील, संचालक पर प्राथमिकी

Giridih News: बेंगाबाद अंचल क्षेत्र के मुंडहरी में अवैध रूप से संचालित एक क्रशर को प्रशासन ने सील कर दिया है. फर्जीवाड़ा कर भंडारण का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में यह कार्रवाई की गयी है.

जानकारी के अनुसार फर्जी तरीके से लाइसेंस प्राप्त कर क्रशर संचालन की जानकारी प्रशासन को मिली, तो उसकी जांच करायी गयी. जांच के क्रम में पाया गया कि बेंगाबाद के सीओ के पत्र में फर्जीवाड़ा कर भंडारण का लाइसेंस मेसर्स किशन दास डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने खनन विभाग से हासिल किया. इस मामले को सीओ प्रियंका प्रियदर्शी ने गंभीरता से लिया. जालसाजी व अनियमितता कर मुंडहरी में अवैध रूप से संचालित मेसर्स किशन दास डेवलपर्स प्रालि क्रशर पर शनिवार सदल-बल पहुंची और उसे सील कर दिया. कंपनी के निदेशक पीयूष कुमार के खिलाफ बेंगाबाद थाना में धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कराया है. इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित क्रशर संचालकों में हड़कंप मच गया है.

सीओ की अनुशंसा में छेड़छाड़ कर दो वर्ष पूर्व लिया था लाइसेंस

मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स किशन दास डेवलपर्स प्रालि ने बेंगाबाद अंचल के मुंडहरी में भंडारण का लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था. इस मामले में सीओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी गयी थी. बताया जाता है कि स्थल की जांच करने के बाद तत्कालीन सीओ ने अपनी रिपोर्ट खनन विभाग को भेज दी, जिसमें भंडारण का लाइसेंस निर्गत करने पर आपत्ति दर्ज की गयी थी. इसके बाद कंपनी के पक्ष में पत्थर भंडारण अनुज्ञप्ति के लिए अंचल कार्यालय के पत्रांक 602 दिनांक 20 जुलाई 2023 के द्वारा जिला खनन पदाधिकारी को पत्र भेजे जाने की बात कही गयी है. बताया जाता है कि अंचल कार्यालय के कतिपय कर्मचारियों की मिलीभगत से रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गयी और इसी आधार पर खनन विभाग से भंडारण का लाइसेंस जारी कर दिया गया. इसके बाद से पिछले दो वर्षों से इस क्रशर का संचालन किया जा रहा था.

क्या कहते हैं डीएमओ

इस संबंध में जब जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि अंचल कार्यालय से स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ है, जबकि जांच में यह खुलासा हुआ कि ऐसा कोई स्वीकृति पत्र बेंगाबाद अंचल कार्यालय से नहीं भेजा गया है. उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी क्रशर संचालक को होने के बाद भी अवैध तरीके से पत्थर का भंडारण और क्रशर का संचालन किया जा रहा था. इधर, बेंगाबाद की सीओ का कहना है कि संचालक का यह कार्य सरकारी कार्य को दिग्भ्रमित करने वाला है. कहा सरकारी कार्य में जालसाजी एवं अनियमितता कर अनुज्ञप्ति प्राप्त करना अवैध और जालसाजी है. थाना प्रभारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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