चैताडीह स्थित मातृत्व शिशु केंद्र में बिचौलियों के सक्रिय रहने और मरीजों को निजी अस्पताल भेजे जाने के आरोप से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है. शुक्रवार को गिरिडीह सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार ने मातृत्व शिशु केंद्र का निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लेते हुए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
खबर के बाद केंद्र पहुंचे उपाधीक्षक
गौरतलब है कि 18 अगस्त को प्रभात खबर ने चैताडीह मातृत्व शिशु केंद्र में बिचौलियों के नेटवर्क और मरीजों को निजी अस्पताल भेजे जाने के आरोप से संबंधित खबर प्रकाशित की थी. इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए उपाधीक्षक ने केंद्र का निरीक्षण किया. उन्होंने लेबर रूम की व्यवस्था देखी और वहां तैनात कर्मियों को प्रसव कक्ष में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया.
बिचौलियों पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश
उपाधीक्षक ने सुरक्षा गार्डों को अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों पर नजर रखने को कहा. खासकर महिला बिचौलियों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अस्पताल प्रबंधन को देने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान कथित बिचौलिये नजर नहीं आये.
सीसीटीवी से होगी अस्पताल की निगरानी
बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मातृत्व शिशु केंद्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस उपाधीक्षक ने अपने कक्ष में लिया है. उन्होंने कहा कि बिचौलियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है. किसी स्वास्थ्यकर्मी के बिचौलियों से मिलीभगत कर मरीजों को निजी अस्पताल भेजने में सहयोग करने की शिकायत सही पायी गयी, तो कड़ी कार्रवाई होगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी कर्मी का केवल स्थानांतरण नहीं किया जायेगा, बल्कि सेवा समाप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार किया जायेगा. निरीक्षण में साफ-सफाई की कमी भी मिली, जिस पर संबंधित कर्मियों को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया गया.
