बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के पालन पर विशेष जोर दिया गया. डीसी ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना है.
अफवाहों से दूर रहने की अपील
उन्होंने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से जानबूझकर नहीं हटाया जायेगा. केवल मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की ही पहचान कर नाम हटाये जायेंगे. अभियान के तहत बूथ स्तरीय पदाधिकारी प्रत्येक घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र उपलब्ध करायेंगे. यदि किसी का घर बंद मिलता है, तो बीएलओ तीन बार संपर्क करने का प्रयास करेंगे और इसके बाद दूरभाष से संपर्क किया जायेगा. सूची की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मतदाताओं की मैपिंग माता-पिता के नाम के आधार पर की जायेगी.राजनीतिक दलों से बीएलए-टू नियुक्त करने का आग्रह
डीसी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-टू) की नियुक्ति कर लें, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे. बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र जमा कर सकेंगे. डीसी ने बताया कि 20 से 29 जून तक प्रशिक्षण व मुद्रण कार्य, 30 जून से 29 जुलाई घर-घर सत्यापन अभियान और मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन, पांच अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, पांच अगस्त से चार सितंबर तक दावा व आपत्ति प्राप्त करने की अवधि, सात अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा. बैठक में स्पष्ट किया गया कि एक अक्तूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नये मतदाताओं से प्रपत्र-6 लिया जायेगा. जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होगा, लेकिन वे दावा-आपत्ति अवधि के दौरान पुनः आवेदन कर सकेंगे. इस बैठक में झामुमो, भाजपा, कांग्रेस, राजद, आजसू, बसपा, सीपीएम और आप सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि तथा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक व निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे.
