प्रमुख रामू बैठा व उपप्रमुख शेखर सुमन दास ने बीडीओ फणीश्वर रजवार व सीओ संदीप मधेसिया को इसकी जानकारी दी. इसके बाद उक्त दोनों अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया.
शिकायत करनेवालों को डराने-धमकाने का आरोप
ग्रामीण गोपाल पंडित ने बताया कि बिरनी पंचायत के अंतर्गत विराजपुर में 15 वें वित्त आयोग के तहत सार्वजनिक डांड़ी का मरम्मत कार्य स्वीकृत है. उक्त योजना का निर्माण कार्य बिना ग्राम सभा के ही मुखिया एवं पंचायत सचिव ने शुरू करवा दिया. ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कुछ ग्रामीणों के ऊपर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज करा लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है. इस आलोक में ग्रामीणों नी चार सूत्री मांगें रखीं हैं. मांगों में फर्जी ग्रामसभा को तत्काल रद्द करते हुए पुनः ग्रामसभा कर लाभुक समिति का गठन कर योजना का क्रियान्वयन, ग्रामीणों पर हुए फर्जी मुकदमे को तत्काल बिना शर्त वापस लिया जाय और बिरनी पंचायत में चल रही तमाम योजनाओं की ग्राम सभा की पंजी एवं लाभुक समिति की जांच मुख्य हैं.
गैरमजरुआ जमीन की बिक्री की जा रही
ग्रामीणों ने कहा कि बिराजपुर में गलत कागज बनाकर गैरमजरुआ जमीन पर कब्जा व विक्रय किया जा रहा है, इस पर तत्काल रोक लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की. 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने दुबारा आंदोलन करेने की चेतावनी दी. बीडीओ व सीओ ने कहा कि ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई की जायेगी. तत्काल मुखिया व पंचायत सचिव द्वारा की गयी ग्राम सभा रद्द कर दी गयी. पुनः ग्राम सभा कर योजनाओं की स्वीकृति करायी जायेगी.
