Giridih News: चक्रवाती तूफान मोंथा का गिरिडीह में दिखा असर, दोपहर को झमाझम हुई बारिश

Giridih News: चक्रवाती तूफान मोंथा का गिरिडीह जिले में खासा असर दिखा. बुधवार की सुबह से ही आसमान में काले-काले बादल छाने लगे. इस दौरान बीच-बीच में बूंदाबांदी हुई. दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास तेज बारिश होने लगी. हवा के साथ झमाझम बारिश ने गर्मी से लोगों को राहत प्रदान की.

करीब दो घंटे तक बारिश होती रही. दिन में ही शाम सा नजारा उत्पन्न हो गया था. इस वजह से गिरिडीह शहरी क्षेत्र की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया. बारिश से बचने के लिए लोग विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों में घुस गये. कई लोग बच्चों को लेकर दुकान के सामने बने सीढ़ी पर बैठे रहे. इस दौरान कई लोग बारिश में भींगते हुए गंतव्य स्थान पहुंचें. सड़कों के किनारे दुकान लगाकर सब्जी बेचने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ी. बारिश के कारण कुछ देर तक बिजली गुल रही. इधर, ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला. बारिश ने ठंड का एहसास करा दिया है. रात में भी बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही.

मोंथा चक्रवात को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीसी ने की सतर्कता व एहतियात बरतने की अपील

गिरिडीह. डीसी रामनिवास यादव ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मोंथा चक्रवात तेजी से सक्रिय हो रहा है. मौसम विभाग द्वारा यह अनुमान व्यक्त किया गया है कि आने वाले दिनों में यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके प्रभाव से झारखंड के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में तेज हवाएं, भारी वर्षा तथा वज्रपात की संभावना जताई गई है. डीसी ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान की वजह से जिले में भारी बारिश की संभावना हो सकती है. साथ ही वर्तमान में अत्यधिक वर्षा के कारण जान माल के नुकसान की स्थिति भी बनी रहती है. ऐसे में सभी से आग्रह होगा कि खराब मौसम की वजह से अपने घरों से बेवजह बाहर नहीं निकले. विशेष परिस्थिति में ही घरों से निकले. उन्होंने दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण अक्सर झील, तालाब, जलाशय, डोभा, नदी-नाले सब भर जाते हैं और आम जनजीवन प्रभावित होता है. अत्यधिक वर्षा से सड़क जाम, कच्चे मकान का टूटना, वज्रपात से जान-माल को नुकसान, फसलों को नुकसान की आशंका बनी रहती है. विशेषकर बच्चों को इससे काफी खतरा रहता है. किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है. उन्होंने लोगों से नदी नाले, जलाशय आदि से बच्चों को दूर रखने की अपील की. डीसी ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है. सभी संबंधित अधिकारी हर स्तर पर तैयारी पूरी रखी रखें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या क्षति को न्यूनतम किया जा सके. सभी संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

आलू के खेतों में जलजमाव से नुकसान की आशंका

गावां क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते आलू व धान की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. क्षेत्र में धान की फसल लगभग तैयार हो रही है. अधिकांश स्थानों पर उसकी कटनी करके खलिहान में लाया जा रहा है वहीं तात्काल काटे गये फसल को खेत में फैलाकर रखा गया है. वर्षा के कारण काटा गया फसल भींगकर खराब हो रहा है. कुछ किसान तिरपाल लगाकर खलिहान में रखे गये फसलों को भिगने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. दूसरी ओर क्षेत्र में किसानों के द्वारा आलू की फसल भी लगायी जा रही है. किसानों का कहना है कि आलु के खेत में जलजमाव से फसल खराब हो जायेगा. महंगे दाम पर बिचड़े लाकर बुआई किये थे लेकिन सब बर्बाद हो जा रहा है. वर्षा के कारण बिजली की आपूर्ति भी बाधित हो रही है वहीं सड़कों पर जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो रही है.

चक्रवात मोंथा ने बढ़ायी परेशानी, रबी फसलों को होगा नुकसान

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात मोंथा ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. मंगलवार शाम से शुरू हुई बूंदाबांदी ने आधी रात मूसलधार रूप ले लिया, बारिश बुधवार को भी जारी रही. लगातार बारिश से रबी फसल को आंशिक क्षति की आशंका प्रबल हो गयी है. जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर दिखने लगा है. मंगलवार की रात झमाझम बारिश के बाद बुधवार की सुबह से रुक रुक झमाझम बारिश हो रही है. लगातार बारिश से आलू, सरसों के खेतों में पानी जमा होने लगा है. वहीं प्याज के बिछड़े की क्यारियां भी लबालब भर गयी हैं. कृषकों की मानें तो लगातार बारिश से आलू, प्याज, सरसों,मटर समेत अन्य रबी फसल व मौसमी फसल यथा फूलगोभी,पत्ता गोभी, मिर्च,टमाटर पालक,मूली आदि के नुकसान की संभावना है.कृषक गुलाब वर्मा, अनवर अंसारी,प्यारी सिंह, सफरुद्दीन अंसारी, हलीम सरदार आदि ने बताया कि बेमौसम बारिश से रबी फसल को नुकसान हो सकता है.बताया कि चक्रवाती तूफान कृषकों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.

धान की कटाई का काम रहा प्रभावित

देवरी प्रखंड इलाके में कृषि से संबंधित कार्य प्रभावित रहे. इस दौरान धान की कटाई करने, खलिहान तैयार करने, रबी फसल की खेती में बीज की बुआई करने का काम ठप रहा. कृषकों का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है. कटाई शुरू होने से पहले बारिश हो रही है. बारिश से धान व आलू की फसल को क्षति पहुंचने की आशंका से कृषकों की चिंता बढ़ गयी है.

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Author: MAYANK TIWARI

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