सम्मेलन में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम व ओडिशा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान संगठन की मजबूती, समाज के विकास, परंपराओं के संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी.
31 सदस्यीय केंद्रीय कमेटी का गठन
सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को सर्वसम्मति से 31 सदस्यीय केंद्रीय कमिटी का गठन किया गया. नवगठित कमिटी में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिला निवासी डॉ समीरण मरांडी को केंद्रीय अध्यक्ष, असम के शिव चंद सोरेन को केंद्रीय सचिव तथा झारखंड के हजारीबाग निवासी रमेश हेंब्रम को केंद्रीय कोषाध्यक्ष चुना गया. इसके अलावा अन्य पदों पर भी विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी. सम्मेलन के दौरान समाज के संगठनात्मक विस्तार, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने तथा परंपरागत रीति-रिवाजों के संरक्षण पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया.
समाज की एकता पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि समाज की एकता और संगठन की मजबूती के लिए सभी सदस्यों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है. साथ ही सामाजिक जागरूकता व शिक्षा के प्रसार पर भी बल दिया गया. प्रतिनिधियों ने मरांग बुरु स्थित दिशोम मांझीथान पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा कर समाज में सुख-समृद्धि, शांति व उन्नति की कामना की. धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. योजकों ने सभी राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया. कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने तथा पारंपरिक संस्कृति और विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कार्यक्रम के समापन पर समाज के हित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया.
