किसानों को अब यह भी डर सताने लगा है कि यदि समय पर अनुदानित दर पर धान का बीज नहीं मिला, तो वह पिछड़ जायेंगे. किसानों का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज डालने का समय शुरू हो जाता है. यदि समय पर बिचड़ा नहीं डाला गया, तो आगे चलकर धान की रोपनी प्रभावित होगी. इसका सीधा असर धान की उपज पर पड़ेगा.
खुले बाजार में है अधिक कीमत
किसान खुले बाजार से महंगे धान बीज को खरीदने से कतरा रहे हैं. इसका मुख्य कारण धान की क्वालिटी की गुणवत्ता की पूरी जानकारी का अनुभव नहीं होना और अधिक खर्च होना है. सब्सिडी में मिलने पर किसानों को 50 प्रतिशत का लाभ होता है. किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द पैक्स के माध्यम से उचित मूल्य पर उत्तम किस्म के बीज उपलब्ध करायेगी.
क्या कहते हैं किसानकिसान रामचंद्र यादव व बालेश्वर यादव ने कहा कि पैक्स में धान का बीज आधे दाम पर किसानों को मिलता है. बीज की अच्छी क्वालिटी रहने से उपज अच्छी होती है. बाजार में 250 से लेकर 400 रुपये प्रति किलो बीज मिल रहा है. पैक्स से धान का बीज मिलता है तो ठीक है, अन्यथा खुले बाजार से खरीदना मजबूरी होगी. धान बीज की बुआई के 13 दिन शेष बचा हुआ है. आद्रा नक्षत्र आने के पहले ही बीज की बुआई करना जरूरी है. बरसात में बुआई नहीं हो सकेगी. कहा कि किसानों को सरकार समय पर कभी भी बीज या खाद उपलब्ध नहीं कराती है. इसके कारण वे सरकारी अनुदान का लाभ से वंचित रह जाते हैं.
क्या कहते हैं प्रखंड कृषि पदाधिकारी
प्रभारी कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि अभी तक सरकार से पैक्स को धान का बीज वितरण के लिए नहीं मिला है. उम्मीद है कि इस सप्ताह या अगले सप्ताह के पहले दिन तक पैक्स को धान का बीज उपलब्ध करा दिया जायेगा.
