होटल व गैराजों का जायजा लिया गया. बनवासी आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराया गया प्रत्येक बच्चा ऐसा होता है, जिसके शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार को पुनर्स्थापित किया जाना जरूरी है. बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन और उनके मौलिक अधिकार छीन लेता है, इसलिए इसे अत्यंत गंभीरता और तत्परता के साथ समाप्त किया जाना चाहिये. मौके पर इंस्पेक्टर विश्वनाथ कुमार, रूपेश कुमार, राकेश कुमार, रीता कुमारी, भागीरथी कुमारी, कृष्णा हेंब्रम, उदय कुमार सोनी उपस्थित थे.
बाल मित्र ग्राम खम्हरवा में जागरूकता चौपाल
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल मित्र ग्राम खम्हरवा में शुक्रवार को जन-जागरूकता चौपाल लगाया गया. कार्यक्रम में बाल श्रम के दुष्प्रभाव, बच्चों के अधिकार तथा शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन और भविष्य को प्रभावित करता है. समाज के सभी लोगों को इसके खिलाफ जागरूक होकर प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने में सहयोग करना चाहिये. चौपाल में बच्चों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों को बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया तथा बच्चों की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया. कार्यक्रम में सब्दर अली, इफ्तिखार आलम, महेंद्र चौधरी, सेविका रेणु देवी, पोषण सखी सुमन कुमारी तथा कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के जिला समन्वयक सुरेंद्र पंडित मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक भीम चौधरी ने किया.
