डीसी ने निर्देश दिया है कि अभियान अवधि के दौरान जिले के सार्वजनिक स्थलों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शैक्षणिक संस्थानों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायें. अभियान के तहत गीत, नाट्य, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आमजनों, विशेषकर युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जायेगा. साथ ही नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु लोगों को प्रेरित किया जाएगा.
समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम सफल बनायें
डीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी एवं सफल बनाने का निर्देश दिया है. कहा कि नशा उन्मूलन केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहें तथा जरूरतमंद लोगों को उचित परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें.
