Gridih News : सदर अस्पताल की चार कियोस्क मशीनें लगने के बाद से ही हैं बंद

Gridih News : डेढ़ साल पहले लगीं थीं मशीनें, अस्पताल कर्मियों को नहीं दी गयी ट्रेनिंग

Gridih News : गिरिडीह. गिरिडीह जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा है. मरीजों की सुविधा के लिए लगायी गयीं डेढ़ साल पहले लगीं चार कियोस्क मशीनें अब तक चालू नहीं हो पायी हैं. मशीनें धूल फांक रही हैं. राज्य सरकार की ओर से डेढ़ वर्ष पूर्व गिरिडीह सदर अस्पताल में दो तथा चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र में दो कियोस्क मशीनें लगायी गयी थीं, पर स्थापना के बाद से ही ये मशीनें बंद पड़ी हैं. इलाज कराने आने वाले मरीजों को केयोस्क मशीन के चालू नहीं होने से आज भी पर्ची, जानकारी और मार्गदर्शन के लिए काउंटरों पर निर्भर रहना पड़ता है. अस्पताल परिसर में खड़ी आधुनिक मशीनें अब केवल शोपीस बनकर रह गयी हैं.

कियोस्क मशीन चालू होने से मिलतीं ये सुविधाएं :

दूर-दराज के इलाकों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज को सदर अस्पताल में पहुंचते हैं. सुबह से ही ओपीडी काउंटर पर पर्ची कटवाने के लिए लंबी कतार लग जाती है. कियोस्क मशीन चालू होने से मरीजों को कतार में नहीं लगना पड़ता. इससे न केवल समय की बचत होती, बल्कि काउंटर पर भीड़ भी कम होती. कियोस्क मशीन से मरीजों को डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी मिल सकती थी. इसके अलावा मरीज अपनी जांच रिपोर्ट की स्थिति, अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी, वार्ड और विभिन्न काउंटरों की लोकेशन भी आसानी से जान सकते थे. खासकर नये और ग्रामीण मरीजों के लिए यह मशीन काफी उपयोगी साबित होती. इसके साथ ही कियोस्क मशीन से आयुष्मान भारत, मातृत्व स्वास्थ्य योजना, टीकाकरण और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करायी जा सकती थी.

ट्रेनिंग नहीं मिलने से कियोस्क मशीन शुरू नहीं हो सकी : उपाधीक्षक

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ प्रदीप बैठा ने बताया कि मशीन संचालन से जुड़ी मूल समस्या ट्रेनिंग की है. उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से टेक्निशियन को अस्पताल कर्मियों को कियोस्क मशीन के संचालन, तकनीकी प्रक्रिया और रखरखाव संबंधी प्रशिक्षण देना था, पर कई बार पत्राचार और शिकायत के बावजूद अब तक विधिवत प्रशिक्षण नहीं दिया गया है. बताया कि एक-दो अवसरों पर राज्य स्तर से टेक्निशियन जरूर आये थे, पर वे केवल मशीन की सामान्य जांच कर लौट गये. उन्होंने न तो मशीन चालू कर मरीजों के उपयोग के लिए हैंडओवर की और न ही कर्मियों को इसे चलाने की व्यावहारिक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मशीन लंबे समय से बंद पड़ी हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >