Giridih News :गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या, विरोध में सड़क जाम
Giridih News :जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह झामुमो नेता राकेश महतो (50 वर्ष) की शुक्रवार की रात अज्ञात अपराधियों द्वारा हत्या कर दी गयी. उनका शव निमियाघाट थाना क्षेत्र के खाखी जंगल के समीप बरामद किया गया. घटनास्थल पर उनकी बाइक फेंकी हालत में पड़ी मिली.
By PRADEEP KUMAR | Updated at :
घर की चाबी का गुच्छा और शर्ट का बटन भी वहां से कुछ दूर पर पड़ा मिला. आशंका जतायी जा रही है कि हत्या के बाद अपराधियों ने शव पर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सके. हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
पुलिस अधिकारी पहुंचे घटनास्थल पर
सूचना मिलते ही एसडीएम संतोष गुप्ता, डुमरी के एसडीपीओ सुमित कुमार, इंस्पेक्टर राजेंद्र महतो, निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार तथा डुमरी थाना प्रभारी प्रनीत पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल से कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक एक्सपर्ट, फिंगर प्रिंट टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल से कई सैंपल एकत्र किए. बताया जाता है कि शनिवार की सुबह कुछ ग्रामीण महिलाएं जंगल की ओर गयी थी. इस दौरान उन्होंने जंगल के बीचों-बीच एक मोटरसाइकिल और जमीन पर पड़े किसी व्यक्ति को दिखा. काफी देर तक जब वह व्यक्ति हिल डोल नहीं करने लगा तो महिलाओं ने उसके सामने जाकर देखा तो पाया कि पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो का शव जली हुई स्थिति में पड़ा हुआ है. इसके बाद महिलाओं ने इस बात की जानकारी ग्रामीणों को दी. घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गयी.
चार घंटे तक डुमरी-बोकारो मार्ग रहा जाम
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग करते हुए डुमरी-बेरमो पथ को जाम कर दिया. यह जाम लगभग चार घंटे तक चला जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही. बाद में प्रशासन के आश्वासन पर जाम हटाया गया.
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित की गयी एसआइटी : एसपी
एसपी डॉ विमल कुमार ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच के लिए डुमरी के एसडीपीओ सुमित कुमार के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गयी है. एसएल व फिंगर एक्सपर्ट की टीम भी शामिल है. हत्या के संबंध में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. एसआइटी को हर बिंदु पर जांच का निर्देश दिया गया है. प्रारंभिक चरण में डॉग स्क्वायड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और एफएसएल की टीम को जांच के लिए लगाया गया है.