Giridih News :बिरनी में किसानों ने शुरू की धान की रोपाई

Giridih News :बिरनी प्रखंड में सावन मास का आगमन होते ही किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है. किसान खेत की मेड़बंदी समेत अन्य कार्य मे जुट गये हैं. इससे खेतों में रौनक लौट आयी है. जिन किसानों ने रोहणी नक्षत्र में धान का बीज लगाया था, उनका बिचड़ा तैयार हो गया है.

सावन आते ही खेतों में लौटी रौनक, मेड़ बांधने में जुटे किसान

बिरनी प्रखंड में सावन मास का आगमन होते ही किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है. किसान खेत की मेड़बंदी समेत अन्य कार्य मे जुट गये हैं. इससे खेतों में रौनक लौट आयी है. जिन किसानों ने रोहणी नक्षत्र में धान का बीज लगाया थी, उनका बिचड़ा तैयार हो गया है. ऐसे किसान खेतों में धान की रोपाई करने लगे हैं. वैसे किसानों जिन्होंने रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज नहीं लगाया था, वैसे किसान बीज ही सड़ गया. ऐसे किसान मायूस हैं. किसान बलदेव साव, सुखदेव साव, बालो यादव, रामसहाय यादव, नारो साव, भगतु साव आदि ने बताया मौसम के प्रतिकूल रहने के कारण उन्होंने रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज नहीं डाला.

20 दिन में तैयार होता है अच्छे किस्म के बीज से बिचड़ा

किसानों ने कहा कि उन्नत किस्म के धान का बीज लगभग 20 दिनों में तैयार हो जाता है. यदि खेतों में पानी नहीं रहा, या समय पर बारिश नहीं हुई, तो धान का बिचड़ा खराब हो जाता है. इसी को देखते हुए ज्यादातर किसान लेट से धान का बीज बोते हैं. इस वर्ष इसका उल्टा हो गया है. लगातार बारिश से किसानों का बिचड़ा खेतों में ही सड़ गया. इससे किसानों को दो से लेकर 20 हजार रुपये तक का क्षति हुई है. किसानों का कहना है कि अभी खेतों में पानी है, लेकिन बिचड़ा तैयार नहीं है. इसके कारण सिर्फ खेतों में मेड़बंदी समेत अन्य कार्य हो रहा है. जैसे ही बिचड़ा तैयार होगा, वह रोपाई कर देंगे. किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि लगातार बारिश से बीज सड़ जा रहा है. अगर बीज नहीं सड़ा और अच्छी बारिश हुई, तो उम्मीद है कि इस वर्ष धान की पैदावार अच्छी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >