गांडेय प्रखंड में बारिश की कमी के बावजूद किसान धान की खेती को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. धनरोपनी का समय लगभग बीत जाने के बाद भी कई क्षेत्रों में खेतों में धान की रोपाई जारी है. बारिश का इंतजार करने के बजाय किसान मोटर, पंप और अन्य साधनों से पटवन कर खेत तैयार कर रहे हैं और धनरोपनी में जुटे हैं.
पूंजी और मेहनत बर्बाद नहीं होने देना चाहते किसान
किसानों का कहना है कि धान का बिचड़ा तैयार करने में काफी पूंजी, श्रम और समय लगा है. ऐसे में बारिश नहीं होने के कारण पूरी मेहनत को बर्बाद होते देखना उनके लिए संभव नहीं है. यही वजह है कि सीमित संसाधनों के बावजूद किसान किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाकर रोपाई का काम पूरा करने में जुटे हैं.
अच्छी बारिश की अब भी उम्मीद
देर से हो रही धनरोपनी के बीच किसानों को अब भी मौसम से उम्मीद है. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो जाती है, तो खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और धान के पौधों के विकास में मदद मिलेगी. इससे अब तक की गयी मेहनत और खर्च को बचाया जा सकेगा.
विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं छोड़ी उम्मीद
किसानों का कहना है कि खेती में जोखिम हमेशा बना रहता है, लेकिन उम्मीद छोड़ देना कोई समाधान नहीं है. इसी भरोसे के साथ वे देर से ही सही, धान की रोपाई पूरी करने में जुटे हैं. गांडेय के खेतों में किसानों की यह जद्दोजहद दिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसान अपनी फसल बचाने के लिए आखिरी दम तक प्रयास करता है.
