Giridih News :फ्लैट के आवंटन के बाद भी रहने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे कर्मी

Giridih News :बेंगाबाद प्रखंड और अंचल के अधिकारियों और कर्मियों के लिए परिसर में आवासीय व्यवस्था के लिए पांच करोड़ से अधिक की राशि से चार बहुमंजिले आवास का निर्माण कराया गया है. इसमें बीडीओ, सीओ सहित दोनों कार्यालयों के पर्यवेक्षक, तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मियों के लिए 18 फ्लैट की व्यवस्था है.

फ्लैट में बिजली, पानी, शौचालय, पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था है. आवास आवंटित कराने के बाद बीडीओ, सीओ और तीन चार कर्मियों को छोड़कर अन्य कर्मी यहां नहीं रहते हैं. कई ऐसे भी कमरे हैं जो किसी के नाम आवंटित हैं, लेकिन उसमें कोई और रहते हैं. कर्मी आज भी जिला मुख्यालय से आना जाना करते हैं. किराया देकर जिला मुख्यालय में आवास रखने और आने जाने में ईंधन का खर्च करते हैं, लेकिन सुविधा संपन्न आवास में रहने में वे दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं. इससे पता चलता है कि कर्मी को जिस जनता के कार्यों के लिए मोटी तनख्वाह मिलती है, उनकी कोई परवाह नहीं है. ऐसे में जनता को परेशानी का सामना करना पड रहा है. साथ ही करोडों का खर्च बेकार साबित हो रहा है.

किनके नाम आवंटित है आवास और कहां रहते हैं

बता दें कि चार अलग-अलग बिल्डिंग यहां बने हैं. इसमें ब्लाॅक एक के फ्लैट संख्या एक सीओ और दो बीडीओ के नाम आवंटित है. फिलहाल दोनों अधिकारियों ने अपना आवास यहीं रखा हुए हैं. इसी प्रकार ब्लाॅक बी के फ्लैट संख्या एक ब्लाॅक के प्रधान सहायक के नाम आवंटित है, लेकिन वे जिला मुख्यालय से आवाजाही करते हैं. निम्न वर्गीय लिपिक के नाम फ्लैट नंबर दो आवंटित हैं, लेकिन उनका तबादला गिरिडीह प्रखंड हो जाने के बाद भी वे यहां डेरा जमाये हुए हैं. अंचल के प्रधान लिपिक को फ्लैट नंबर तीन आवंटित है. वे भी यहां से बदल गये हैं. उनके स्थान पर आये नये लिपिक ने आवास की मांग नहीं की है, लिहाजा उसका आवास खाली पड़ा है. नये लिपिक गिरिडीह से आवाजाही करते हैं. फ्लैट नंबर चार अंचल निरीक्षक के पदनाम आवंटित है, लेकिन वे भी यहां नहीं रहते हैं. वे गिरिडीह से आते-जाते हैं. ब्लाॅक सी के फ्लैट नंबर एक में अंचल विभाग की महिला निम्नवर्गीय लिपिक के नाम आवंटित है, जो गिरिडीह में डेरा रखी हुईं हैं. फ्लैट नंबर दो और तीन में प्रखंड के निम्नवर्गीय लिपिक निवास कर रहे हैं. फ्लैट नंबर चार अंचल विभाग के उच्च वर्गीय लिपिक के नाम आवंटित है, जिनके स्थानातंरण के बाद उसे किसी नये के नाम आवंटित नहीं किया गया है. फ्लैट नंबर पांच अंचल विभाग के निम्नवर्गीय लिपिक के नाम आवंटित है, जो जिला मुख्यालय से आते-जाते हैं. फ्लैट नंबर छह में प्रखंड के निम्नवर्गीय लिपिक नहीं रहकर जिला मुख्यालय में रहते हैं. ब्लाॅक डी के फ्लैट नंबर एक, तीन और चार में अनुसेवक नहीं रहते हैं और वे अपने अपने घरों से आना-जाना करते हैं. फ्लैट नंबर दो पर अनुसेवक के स्थान पर किसी अन्य ने कब्जा जमाया हुआ है. फ्लैट नंबर पांच में अनुसेवक के स्थान पर अंचल विभाग के चालक ने अपना डेरा बसा लिया है. फ्लैट नंबर छह में अनुसेवक सपरिवार निवास कर रहे हैं. आंकड़ों पर गौर करने पर पता चलता है कि बीडीओ, सीओ के अलावा तीन से चार कर्मी ही यहां निवास करते हैं. बाकी कर्मी गिरिडीह जिला मुख्यालय से आना-जाना करते है.

पंसस की बैठक में उठा है मामला

बता दें कि कर्मियों के जिला मुख्यालय से आने-जाने के कारण लोगों को परेशानी होती है. यह मामला दो दिन पूर्व हुई पंसस की बैठक में उठ चुका है. समिति के सदस्यों ने सभी कर्मियों को यहां रहकर जनता का काम करने का प्रस्ताव भी लिया है, बावजूद अब तक इस दिशा में पहल नहीं की गयी है. प्रमुख मीना देवी का कहना है कि सभी को अपने-अपने आवंटित फ्लैट में रहना है. टीम के माध्यम से इसकी जांच करायी जायेगी और नहीं रहनेवाले कर्मियों के विरुद्ध विभाग को पत्राचार किया जायेगा.

सूची मिलने पर होगा आवास आवंटन : बीडीओ

बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू का कहना है कि अंचल विभाग से कई कर्मियों का तबादला व सेवानिवृत्ति हो चुकी है. उसके स्थान पर नये कर्मियों को आवास मिलना है. फिलहाल सूची का इंतजार है. सूची मिलने के बाद आवास का आवंटन किया जायेगा. कहा कि जिन कर्मियों के नाम फ्लैट का आवंटित है, उनके वेतन से एचआर काटा जा रहा है. हालांकि, सभी को अपने-अपने निर्धारित फ्लैट में रहने का निर्देश दिया गया है. शीघ्र जांच अभियान चलाकर अनधिकृत कब्जे को खाली कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

(अशोक शर्मा, बेंगाबाद)B

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Author: PRADEEP KUMAR

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