टीम को देख ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गये. मामले को लेकर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. 31 जनवरी को जिले की नदियों पर बालू माफिया का कब्जा, दिन-रात हो रहा अवैध उठाव शीर्षक से प्रभात खबर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गयी थी. इसके बाद खनन विभाग और पुलिस ने शुक्रवार को सघन अभियान चलाया. खनन इंस्पेक्टर विश्वनाथ उरांव के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह और मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो मटरुखा रोड के पास औचक निरीक्षण किया. इस दौरान तीन बालू लदे ट्रैक्टर आते दिखे. रोकने का इशारा करने पर चालक वाहन छोड़कर जंगल-झाड़ी का फायदा उठाते हुए फरार हो गये. जांच में ट्रैक्टरों पर कोई निबंधन संख्या अंकित नहीं मिली. तीनों ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में करीब सौ-सौ सीएफटी बालू लोड था. किसी ने कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया. इसके बाद तीन ट्रैक्टरों को बालू सहित जब्त कर मुफस्सिल थाना को सौंप दिया गया.
गिरिडीह-डुमरी सड़क पर बराकर नदी के पास भी चला अभियान
इसके बाद शुक्रवार की दोपहर गिरिडीह-डुमरी रोड स्थित बराकर नदी के पास अभियान चलाया गया. यहां पांच बालू लदे ट्रैक्टरों को रोके जाने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर फरार हो गये. जांच में इन ट्रैक्टरों पर भी निबंधन संख्या नहीं पायी गयी और प्रत्येक ट्रॉली में लगभग सौ-सौ सीएफटी अवैध बालू लदा हुआ था. कागजात नहीं मिलने पर सभी पांच ट्रैक्टरों को बालू सहित जब्त कर लिया गया. छापेमारी के दौरान टीम ने जिले की कई नदियों के बालू घाटों पर भी सघन जांच अभियान चलाया. अभियान की भनक लगते ही कई बालू तस्कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को नदी में ही छोड़कर फरार हो गये. कुछ घाटों पर तो स्थिति यह रही कि आधी लदी और पूरी तरह भरी ट्रॉलियां पानी में फंसी हुई मिलीं. इससे यह स्पष्ट हुआ कि अवैध बालू उठाव लंबे समय से धड़ल्ले से किया जा रहा था. बता दें कि कई ऐसे ट्रैक्टर चालक हैं, जो नाबालिग हैं. बिना लाइसेंस और अनुभव के नाबालिगों ट्रैक्टर चला रहे हैं. इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
