Giridih News :प्रार्थना सभा के साथ ईस्टर पर्व का समापन
रविवार को प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के स्मरण में ईस्टर पर्व मनाया गया. इस दौरान मसीही समुदाय ने प्रभु यीशु के पुनर्जन्म को ले घरों व चर्च में मोमबत्तियां जलायीं और प्रार्थना सभा में शामिल होकर उनके संदेश को सुना.
By PRADEEP KUMAR | Updated at :
महेशमुंडा स्थित चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में फादर मसीचरन ने कहा कि ईस्टर सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह आशा, पुनर्जीवन और प्रेम की जीत का प्रतीक है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि अंधकार चाहे जितना भी गहरा हो, प्रकाश हमेशा विजयी होता है. यीशु मसीह, जिन्होंने मानवता के पापों के लिए क्रूस पर अपने प्राण दिये और तीसरे दिन मृत्यु पर विजय पाकर पुनर्जीवित हुये. कहा कि प्रेम करो, क्षमा करो, और हर दिन एक नयी आशा के साथ जियो.
यीशु के संदेश को जीवन में अपनायें
हम यीशु के इस बलिदान और पुनरुत्थान को केवल याद ही ना करें, बल्कि अपने जीवन में उनका आदर्श अपनाये. मौके पर जी उठा प्रभु विजय बनकर कब्र खाली है समेत अन्य गीतों से गिरजाघर गूंज उठे. खोरीमहुआ, तिलेबोनी, अलयटांड़ समेत विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा हुई. मौके पर कई फादर, सिस्टर समेत काफी संख्या में मसीही समुदाय के महिला-पुरुष व बच्चे मौजूद थे.
प्रभु यीशु का पुनरुत्थान का उत्सव मना
देवरी प्रखंड के बेलाटांड़ स्थित संत जोसेफ चर्च में प्रभु यीशु के पुनरुत्थान (जी उठने) का उत्सव मनाया गया. शनिवार की रात फादर विंसेंट मुर्मू के नेतृत्व में प्रार्थना सभा हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विश्वासी शामिल हुए. मध्य रात्रि में प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी मनायी गयी. मौके पर डॉ विक्टोरिया आइंद, डॉ लिनेट लोबो, सिस्टर अलवीना किस्कू, स्टीफन हेंब्रम, रोड्रिक्स सोरेन, राजू सोरेन, सिमोन हेंब्रम, इग्नेसीयूस मरांडी, सिलवानुस मरांडी, मोनिका हेंब्रम आदि मौजूद रहे. इधर, गरही स्थित संत तेरेसा चर्च, दुलाभिठा स्थित संत थॉमस चर्च व अमझर स्थित गिरजाघर में प्रभु यीशु के जी उठने का उत्सव मनाया गया. इन गिरजाघरों में पास्टर ने प्रभु यीशु के संदेश को सुनाया.