नशा मुक्त भारत अभियान के तहत व्यसन मुक्ति को लेकर बगोदर प्रखंड के संत पॉल हाई स्कूल, औरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया गया.
अभियान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी बहनों की ओर से चलाया गया. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है. स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए नशे का त्याग करना बेहद जरूरी है.
योग और ध्यान को जीवनशैली में शामिल करने की अपील
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग और ध्यान करने की सलाह दी गयी. बताया गया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर नशे जैसी बुरी आदतों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है. खासकर युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया.
गांव में भी जागरूकता फैलाने की अपील
विद्यालय के निदेशक हाफिज अंसारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा नाश की जड़ है. उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने गांव व आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें.
उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाकर ही नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है. कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी बहनों के अलावा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
