'2005 में हमें टिकट नहीं मिला था, फिर एक साथ बने मंत्री...', सुदिव्य सोनू को याद कर भावुक हुए मंत्री दीपक बिरुआ

झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को उनके साथी मंत्री और विधायकों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी. मंत्री दीपक बिरुआ ने 2005 के टिकट न मिलने के किस्से को याद किया.

गिरिडीह से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

गिरिडीह: झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पंचतत्व में विलीन हो गए. उनको श्रद्धांजलि देने के लिए गिरिडीह पहुंचे उनके साथी मंत्रियों और विधायकों की आंखें नम थीं. हर लोग उनके साथ बिताए क्षण को अपने अपने तरीके से याद कर रहे थे. इस दौरान प्रभात खबर डिजिटल ने कैबिनेट मंत्री दीपक बिरुआ से सुदिव्य सोनू से जुड़ी बातों को जानने की कोशिश की. बातचीत के दौरान मंत्री ने इसे झामुमो संगठन व राज्य सरकार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू न केवल एक प्रखर वक्ता थे, बल्कि वे पार्टी की कोर टीम में एक स्वाभाविक 'टीम लीडर' की भूमिका में हमेशा आगे रहते थे.

2005 में दोनों को नहीं मिला था JMM का टिकट

सुदिव्य सोनू से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और पुराना किस्सा साझा करते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब वे दोनों जिला स्तर पर झामुमो में काफी सक्रिय थे, लेकिन साल 2005 के चुनावों में पार्टी से दोनों में से किसी को भी टिकट नहीं मिला था. दीपक बिरुआ ने कहा कि उस समय भी दोनों ने पार्टी के खिलाफ कोई विरोध नहीं किया, बल्कि वे आपस में हंसते हुए इस स्थिति को स्वीकार कर आगे बढ़ते रहे. उन्होंने भावुक होकर कहा कि समय का चक्र देखिए कि जिस दौर में दोनों को टिकट नहीं मिला था, आगे चलकर दोनों ने एक साथ राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली.

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सदन से लेकर संगठन तक लीडर की भूमिका: नीरल पूर्ति

बातचीत के दौरान विधायक नीरल पूर्ति ने भी दिवंगत मंत्री के साथ बिताए लम्हों को याद किया. उन्होंने बताया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दौर से लेकर वर्तमान सरकार तक, सुदिव्य सोनू का मार्गदर्शन और सलाह हमेशा पार्टी के काम आती थी. चाहे विधानसभा का सदन हो या संगठन का मंच, वे हर विषय को बेबाकी और गहराई से रखते थे. दोनों नेताओं ने कहा कि सुदिव्य सोनू की कमी को पूरा कर पाना बेहद मुश्किल है, क्योंकि वे हर मोर्चे पर आगे बढ़कर नेतृत्व (lead) करने वाले योद्धा थे.

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लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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