मिशनरीज ऑफ चैरिटी में फिलहाल शून्य से 10 वर्ष तक के उन बच्चों की देखरेख की जा रही है, जिनके माता-पिता नहीं हैं अथवा जिन्हें विभिन्न परिस्थितियों में परित्यक्त अवस्था में पाया गया है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में वर्तमान में 19 बच्चों का पालन-पोषण एवं संरक्षण किया जा रहा है.
स्नेह के साथ बेहतर भविष्य देने की जरूरत
भ्रमण के दौरान डीसी ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर और असहाय बच्चों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा कार्य है. ऐसे बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि स्नेह, शिक्षा और बेहतर भविष्य देने की आवश्यकता है ताकि वे आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें. डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की आवश्यकताओं एवं सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा संस्थान को हर संभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है. मौके पर संस्थान की संचालिकाएं, अधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी जीतू कुमार, नीलम कुमारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
