डीसी ने करहरबारी पावर ग्रिड, बस स्टैंड पावर सब स्टेशन तथा डांडीडीह पावर ग्रिड स्टेशन का निरीक्षण किया. विद्युत आपूर्ति में आ रही तकनीकी परेशानी और मरम्मत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि अधिक गर्मी, तेज हवा व रोड चौड़ीकरण कार्य के कारण 33 केवीए लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई. कई जगहों पर विद्युत पोल एवं ओवरहेड तारों को नुकसान पहुंचा है, जिसकी मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है. डीसी ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर कब तक लोगों को सुचारू रूप से बिजली उपलब्ध हो सकेगी. इस पर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है. अतिरिक्त संसाधन व तकनीकी कर्मियों लगाकर कार्य कराया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य हो सके.
कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी
डीसी ने अधिकारियों व कर्मियों से कहा कि आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो, इसके लिए पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें. बिजली आपूर्ति बहाल करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान उपायुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों का भी भ्रमण किया तथा मरम्मत कार्य में जुटे कर्मियों का उत्साह बढ़ाया. शहरी क्षेत्र में 45 कर्मियों को काम पर लगाया गया था. प्रशासन व विद्युत विभाग की टीम संयुक्त रूप से स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है. इस दौरान अधीक्षण अभियंता शकील आलम, कार्यपालक अभियंता गिरिडीह (दक्षिण) मृणाल गौतम व सहायक अभियंता गिरिडीह (टाउन) सुरजीत उपाध्याय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
विद्युत विभाग के महाप्रबंधक से मिलकर बिजली आपूर्ति सुचारू करने की मांग
नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर छह के पार्षद सह भाजयुमो के प्रदेश मंत्री संजीव कुमार के नेतृत्व में शनिवार को कई लोगों ने विद्युत विभाग के महाप्रबंधक से मुलाकात की और बिजली आपूर्ति सुचारू करने की मांग की. इस संबंध में पार्षद श्री कुमार ने कहा कि पिछले लगभग 24 घंटे से गिरिडीह के फीडर-3 अंतर्गत बक्शीडीह, भंडारीडीह, शास्त्रीनगर, अलकापुरी, बोड़ो व पचंबा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है. इससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि पूरे बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता है. कहा कि पिछले सात वर्षों में उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली खपत कई गुणा बढ़ने के बावजूद वर्तमान हेमंत सरकार बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और रखरखाव पर अपेक्षित कार्य नहीं कर रही है. कहा कि जनता यह पूछ रही है कि आखिर कब बिजली व्यवस्था सुधरेगी.बॉक्स.
