Giridih News : प्रतिनिधि, गिरिडीह. गिरिडीह में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत से आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. शुक्रवार को भी शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर गैस सिलिंडर लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं. घंटों इंतजार के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और कई एजेंसियों पर हंगामे की स्थिति बन गयी.
पुलिस ने लोगों को समझाया :
बताया गया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों के बाहर जमा हो गये थे, लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा. इससे नाराज लोगों ने एजेंसी कर्मियों से तीखी बहस की और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थिति बिगड़ती देख नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई. वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं.जिले के कई होटल-रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर
कमर्शियल गैस संकट से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग बंद होने की कगार पर
गिरिडीह में कमर्शियल गैस सिलिंडर की भारी किल्लत ने छोटे से लेकर बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी है. गैस की नियमित आपूर्ति नहीं होने के कारण भोजनालयों का दैनिक संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. कई रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि फिलहाल वे पहले से रखे गये स्टॉक सिलिंडरों के सहारे काम चला रहे हैं, लेकिन यह स्टॉक भी अब तेजी से खत्म होता जा रहा है. संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई और कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बहाल नहीं की गयी, तो मजबूरी में होटल-रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है. इससे न सिर्फ कारोबार पर असर पड़ेगा, बल्कि बड़ी संख्या में काम करने वाले कर्मचारियों के समक्ष भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जायेगा. कई रेस्टोरेंटों में गैस की कमी के चलते मेन्यू सीमित कर दिया गया है, वहीं कुछ जगहों पर इंडक्शन चूल्हे और वैकल्पिक साधनों के सहारे काम चलाया जा रहा है. संचालकों ने प्रशासन और गैस आपूर्ति एजेंसियों से जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है, ताकि व्यवसाय को पटरी पर लाया जा सके और आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी से राहत मिल सके.क्या कहते हैं लोग
घरेलू कामकाज पूरी तरह गैस पर निर्भर है. गैस नहीं मिलने से खाना बनाना मुश्किल हो गया है. एजेंसी में सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है. प्रशासन को जल्द हस्तक्षेप कर सप्लाई सामान्य करानी चाहिए.शमीम अंसारी
काफी देर से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आज गैस सिलिंडर मिलेगा भी या नहीं. गैस एजेंसी के कर्मचारी भी कोई साफ जानकारी नहीं दे रहे हैं. ऐसी स्थिति में मजबूरीवश अब कोयला या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है.जफरूद्दीन अंसारी
क्या कहते हैं रेस्टोरेंट संचालक
फिलहाल गैस सिलिडंर का कुछ स्टॉक मौजूद है, लेकिन वह तेजी से समाप्त होने के कगार पर है. स्थिति से निबटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोयले की भट्ठी तो तैयार कर ली गई है, मगर स्टाफ और शेफ कोयले की भट्ठी पर काम करने से परहेज कर रहे हैं. कोयले की भट्ठी में काम करना अधिक कठिन और असुविधाजनक है, जिससे कर्मचारी सहयोग नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में भोजन तैयार करने में दिक्कतें आ रही हैं और ग्राहकों को समय पर सेवा देना भी मुश्किल होता जा रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही और जल्द गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मजबूरन कुछ ही दिनों में रेस्टोरेंट को बंद करना पड़ सकता है. इससे न सिर्फ रेस्टोरेंट व्यवसाय प्रभावित होगा, बल्कि इससे जुड़े कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो जायेगा.अरुण यादव, संचालक, होटल ब्लू व्हेलकमर्शियल गैस सिलिंडर की उपलब्धता फिलहाल बाधित चल रही है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर असर पड़ने लगा है. वर्तमान में 15 से 20 दिनों का गैस स्टॉक तो मौजूद है, लेकिन हालात को देखते हुए इंडक्शन चूल्हे का सहारा लिया जा रहा है, ताकि कामकाज किसी तरह जारी रखा जा सके. यदि गैस आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले कुछ दिनों में होटल का संचालन बंद करने की नौबत आ सकती है. लोग अफवाहों में न पड़ें, यदि उपभोक्ता पहले की तरह सामान्य दिनों में अपनी आवश्यकता के अनुसार गैस सिलिंडर लेने एजेंसी जाएं, तो स्थिति को काफी हद तक संभाला जा सकता है. गैस न मिलने की अफवाहों के चलते लोग अतिरिक्त स्टॉक के लिए दो से तीन सिलिंडर लेने एजेंसी पहुंच रहे हैं, सामूहिक संयम से ही इस समस्या से निबटा जा सकता है.
प्रदीप अग्रवाल, संचालक होटल वृंदावन पैलेस