इस दौरान मां दुर्गे के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. प्रतिमा विसर्जन के साथ सप्ताह दिनों से चल रहे भव्य मेले का भी समापन हो गया. प्रतिमा विसर्जन के दौरान महिला भक्तों की आंखें नम थी. हालांकि नाचते-गाते हुए धूमधाम के साथ मां दुर्गा को विदाई दी. रविवार को पपरवाटांड़ दुर्गा मंडप में विधि विधान के साथ वरण करते हुए मां दुर्गे को सिंदूर दान किया गया. महिला श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा सहित अन्य प्रतिमाओं में सिंदूर लगाया. महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. पूजा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा पूरी व्यवस्था बनाकर रखी गयी थी. प्रतिमा का विसर्जन करहरबारी नौका आहर में किया गया.
पुलिस अधिकारी व जवान थे मौजूद
इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस पदाधिकारी व जवान मौजूद थे. दुर्गापूजा के सफल आयोजन में पपरवाटांड़ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष विवेक कुमार, सचिव प्रशांत सिंह, उपाध्यक्ष हरगौरी साव छक्कू, उप सचिव कमलचमंद साव, अर्जुन रवानी, शिवनाथ साव, अमरनाथ सिन्हा, कामेश्वर पासवान, चंद्रशेखर साव, दिलीप राम, तेजलाल मंडल, संजय राम, जगत पासवान, अविनाश कुमार, गणेश कुमार, दिनेश कुमार साहित पूजा कमेटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का योगदान रहा.
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