बगोदर इलाके में जहां किसानों की मेहनत पर हाथियों के उत्पात का संकट छाया है, वहीं दूसरी ओर इसी माह रह-रहकर हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई जगहों पर आम बागवानी में लगे आम भी टूटकर गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरा है. बीते दिनों बगोदर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए आंधी-पानी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. जेठूआ फसलों में मकई की खेती पूरी तरह प्रभावित हो गयी है.
इन पंचायतों के किसान हुए प्रभावित
बगोदर प्रखंड के अटका पूर्वी, अटका पश्चिमी, मुंडरो, अडवारा, दोंदलों, खेतको समेत अन्य पंचायत के किसानों को नुकसान पहुंचा. इसे लेकर किसानों ने पूर्व में हुई ओलावृष्टि में भारी क्षति को लेकर आपदा राहत के तहत क्षति पूर्ति हेतु कृषि विभाग को आवेदन भी दिया था, पर अब तक मुआवजा का भुगतान नहीं हो पाया है. अटका के किसान उमेश मंडल, दिलीप प्रसाद, छोटी कुमार, दशरथ मेहता, सीता राम प्रसाद, बासो महतो समेत अन्य किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है. इसके अलावे अन्य पंचायतों में भी शुक्रवार को हुई बारिश से किसानों को क्षति पहुंची है. इसे लेकर प्रभावित किसानों ने अतिशीघ्र मुआवजा दिये जाने की मांग की है.
बारिश से जेठुआ को पहुंचा नुकसान
देवरी प्रखंड में शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश से जेठुआ के साथ-साथ खरीफ फसल को भारी नुकसान हुआ है. कृषक राजकुमार वर्मा, अनूप वर्मा, फत्तूलाल महतो ने बताया कि जेठुआ फसल करैला, झींगा, कद्दू व हरी मिर्च की खेती चौपट हो गयी है. वहीं, मक्का के बीज की बुआई की थी. पानी जमा होने से खेत में डाला गया बीज खराब हो गया. साथ ही भिंडी की फसल को भी नुकसान हुआ है. भिंडी का सड़ने लगा है.बेंगाबाद प्रखंड के एक दर्जन गांव के किसान प्रभावित
बेंगाबाद में शुक्रवार को हुई चार घंटे की मूसलाधार बारिश ने किसानों को काफी नुकसान हुआ है. किसानों के खेतों में पानी जमा हो जाने के कारण लतदार सब्जी बर्बाद हो गयी है. फसलों के जड़ों में पानी जमा होने से उसके सड़ने की आशंका बढ़ गयी है. वहीं, तैयार फसल भी गलने लगी है. बता दें कि बेंगाबाद के केंदुआगढ़ा, परसन, परसाटोल, महुआर, छाताबाद, हुंडरदतवा, बुढियाढाको, बिजलीबथान, डोमापहाड़ी, बदवारा, छोटकी खरगडीहा सहित कई ऐसे गांव है जहां किसान सर्वाधिक सब्जी की खेती करते हैं. जेठुआ फसल को बेचकर किसान अच्छी आमदनी करते हैं. लेकिन बारिश के कारण तैयार फसल और सब्जी को हुए नुकसान से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है. किसान अब मुआवजा की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि मुआवजा नहीं मिला, तो उन्हें काफी परेशानी होगी.जड़ में जमा पानी निकालने की करें व्यवस्था
इधर, कृषि विज्ञान केंद्र के फार्म मैनेजर मधुकर कुमार का कहना है कि किसान खेतों में ज्यादा समय तक पानी जमा नहीं रहने दें. ज्यादा समय तक पानी जमा रहने से लतदार सब्जी की फसल को नुकसान हो सकता है. वहीं, तैयार सब्जी में भी कीड़े लग जायेंगे. कहा किसान खेतों की मेढ को काटकर पानी निकालने की व्यवस्था करें, ताकि धूप खिलने पर नुकसान कम हो सके.
