इंपैक्ट
संवेदक जेपी यादव ने पुल का निर्माण करवाया, लेकिन एप्रोच रोड नहीं बनाया. इसके कारण पुल इतने लंबे समय से बेकार पड़ा था. इसका कारण एप्रोच रोड में रैयती जमीन का अधिग्रहण था. प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने पर उपायुक्त ने इसे संज्ञान में लिया और बीडीओ व सीओ को योजना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. बीडीओ-सीओ ने बेकार पड़े पुल का निरीक्षण करने के क्रम में ग्रामीणों से जानकारी ली. इसके बाद विभागीय कार्यपालक अभियंता, संवेदक व जमीन मालिक असगर अंसारी से वार्ता की गयी.जमीन मालिक को बुधवार तक तीन लाख रुपये देने का हुआ लिखित करार
असगर ने बताया कि संवेदक जेपी यादव ने जमीन के बदले तीन लाख रुपये देने की बात कही थी, लेकिन पुल बन जाने के बाद वह राशि देने से वह मुकर गया. इसके बाद उसने अपनी रैयती जमीन को अपने दखल में कर लिया. सीओ संदीप मधेशिया व बीडीओ फणीश्वर रजवार ने संवेदक जेपी यादव, विभागीय अभियंता बिजेंद्र कुमार व रैयत असगर अंसारी, सीताराम पासवान व माले नेता सीताराम पासवान के साथ वार्ता की. वार्ता में संवेदक ने बुधवार तक तय तीन लाख रुपये भुगतान करने का लिखित रूप से करार किया. साथ ही मुहर्रम के बाद एप्रोच रोड का काम चालू करने की बात कही.
