नाटकों ने एक ओर जहां दर्शकों को गुदगुदाया, तो दूसरी ओर उनके दिलों को झकझोरा भी. नाटकों में सेतु राजस्थान ने असल लेखक वही हैं, सोनापुर संगीत थियेटर कोलकाता ने सरल अंक, सरोली नाट्य गुस्थी असम ने दी अल्टीमेट बूमरैंग, ताल जमशेदपुर ने घोस्ट टाउन व निशान जमशेदपुर ने कब्र का मंचन किया. शास्त्रीय व लोक नृत्य में संगीत नृत्य एकादमी त्रिपुरा, सुरभि कला केंद्र त्रिपुरा, हुनर संस्थान आजमगढ़, बरनाली पाल के नेतृत्व में महाश्वेता कला केंद्र ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया. लोक नृत्य एकल में सुरताल त्रिपुरा की रिद्धिमा विश्वास, सुष्मिता दास, अनुष्का देबना, सयातीका धर, हिया चटर्जी, गौरव सरकार, इशानी कुमारी, इशिका गुप्ता, प्रीति कुमारी, आर्या कुमारी, अबीर बर्मन, आवृति बर्मन, श्रेयसी गोप, आराधना गोप, जयंती कुमारी, अविनीता महतो, वैष्णवी गुप्ता ने नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया. नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक शिवानी भट्टाचार्य, सरसी चंद्रा व नाटक वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, अशोक मानव, शिवलाल सागर और मो निजाम हैं. मंच संचालन कला संगम के नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद, कार्यालय प्रभारी मनोज कुमार मुन्ना, सुजाता कुमारी व संस्कृति आनंद हैं.
Giridih News :शास्त्रीय व लोक नृत्य ने बांधा समा
Giridih News :कला संगम के तत्वावधान में सवेरा सिनेमा हॉल में आयोजित चार दिवसीय स्व. उमा रानी ताह स्मृति 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य व लोकनृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन शुक्रवार को शास्त्रीय नृत्य व लोक नृत्य की धूम मची रही.
